झारखंड के दिव्यांग खिलाड़ियों को प्रतिभा दिखाने का मौका, जमशेदपुर में पारा खेल प्रतियोगिता 6–7 फरवरी को
झारखंड राज्य के 18 से अधिक वर्ष की दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए अपनी खेल प्रतिभा दिखाने और आगे बढ़ने का एक महत्वपूर्ण अवसर सामने आ रहा है। आगामी 6 और 7 फरवरी 2026 को जमशेदपुर स्थित जेआरडी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में राज्य स्तरीय पारा खेल प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है

झारखंड के दिव्यांग खिलाड़ियों को प्रतिभा दिखाने का मौका, जमशेदपुर में पारा खेल प्रतियोगिता 6–7 फरवरी को
रांची- झारखंड राज्य के 18 से अधिक वर्ष की दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए अपनी खेल प्रतिभा दिखाने और आगे बढ़ने का एक महत्वपूर्ण अवसर सामने आ रहा है। आगामी 6 और 7 फरवरी 2026 को जमशेदपुर स्थित जेआरडी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में राज्य स्तरीय पारा खेल प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। इस प्रतियोगिता के माध्यम से दिव्यांग खिलाड़ियों को राज्य स्तर पर अपनी क्षमता साबित करने और आगे राष्ट्रीय मंच तक पहुँचने का अवसर मिलेगा।
इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य झारखंड में छिपी हुई पारा खेल प्रतिभाओं को पहचानना, उन्हें सही मार्गदर्शन देना और भविष्य के राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों की नींव तैयार करना है। यह प्रतियोगिता विशेष रूप से उन दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए उपयोगी होगी जो पहली बार संगठित पारा खेल प्रतियोगिता में भाग लेना चाहते हैं।
इस आयोजन में मुख्य रूप से पारा एथलेटिक्स और पारा बैडमिंटन की प्रतियोगिताएँ आयोजित की जा रही हैं। पारा एथलेटिक्स पारा खेलों का सबसे व्यापक और समावेशी खेल माना जाता है। इसमें दौड़, लंबी कूद, ऊँची कूद, शॉटपुट, डिस्कस थ्रो और जैवलिन थ्रो जैसे खेल शामिल होते हैं। पारा एथलेटिक्स में वे दिव्यांग खिलाड़ी भाग ले सकते हैं जिनके हाथ या पैर में कमजोरी या कटाव है, जो व्हीलचेयर का उपयोग करते हैं, जो सेरेब्रल पाल्सी से प्रभावित हैं या जो दृष्टिबाधित हैं। वैज्ञानिक वर्गीकरण प्रणाली के कारण प्रत्येक खिलाड़ी को उसकी शारीरिक और कार्यात्मक क्षमता के अनुसार प्रतिस्पर्धा का अवसर मिलता है।
पारा बैडमिंटन तकनीक, संतुलन और गति पर आधारित खेल है। इसमें व्हीलचेयर पर खेलने वाले खिलाड़ी और खड़े होकर खेलने वाले दिव्यांग खिलाड़ी दोनों शामिल होते हैं। यह खेल विशेष रूप से निचले अंगों की दिव्यांगता, ऊपरी अंगों की दिव्यांगता तथा छोटे कद (बौनेपन) वाले दिव्यांगजनों के लिए उपयुक्त है। पारा बैडमिंटन अब पैरालंपिक खेलों का हिस्सा है और भारत ने इस खेल में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धियाँ प्राप्त की हैं।
इन दोनों खेलों में भाग लेने वाले खिलाड़ियों के लिए क्लासिफिकेशन की प्रक्रिया अनिवार्य होती है, जिससे यह सुनिश्चित किया जाता है कि खिलाड़ी अपनी क्षमता के अनुरूप सही श्रेणी में प्रतिस्पर्धा करें। इस प्रतियोगिता में नए पारा एथलेटिक्स और पारा बैडमिंटन खिलाड़ियों का क्लासिफिकेशन किया जाएगा, जबकि पुराने खिलाड़ी वही भाग ले सकेंगे जो निर्धारित मापदंडों के अनुसार पात्र हों।
इस प्रतियोगिता में झारखंड राज्य के सभी 24 जिलों के पंजीकृत संघ, विशेष विद्यालय, खेल क्लब, संगठन, संस्थान, अभिभावक संघ एवं व्यक्तिगत पारा खिलाड़ी भाग ले सकते हैं। प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए प्रवेश पूर्णतः निःशुल्क रखा गया है। साथ ही इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी खिलाड़ियों एवं उनके सहयोगियों के लिए ठहरने एवं भोजन की निःशुल्क व्यवस्था की गई है, जबकि आने-जाने का यात्रा व्यय किसी भी प्रतिभागी को देय नहीं होगा। पंजीकरण की अंतिम तिथि 06 फरवरी 2026 निर्धारित की गई है।
प्रतियोगिता का आयोजन पैरालंपिक कमिटी ऑफ झारखंड द्वारा किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत 25वीं राज्य पारा एथलेटिक्स चैंपियनशिप – 2026 तथा 5वीं राज्य पारा बैडमिंटन चैंपियनशिप – 2026 आयोजित की जा रही हैं। यह आयोजन झारखंड में पारा खेलों के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
भारत में पारा खेलों के अंतर्गत पारा एथलेटिक्स और पारा बैडमिंटन के अलावा पारा टेबल टेनिस, पारा पावरलिफ्टिंग, पारा शूटिंग, पारा तीरंदाजी, पारा स्विमिंग, पारा जूडो, पारा साइक्लिंग, व्हीलचेयर बास्केटबॉल, व्हीलचेयर रग्बी सहित अन्य कई खेल भी आते हैं। इन सभी खेलों के लिए राज्य, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-अलग प्रतियोगिताएँ और चयन प्रक्रिया आयोजित की जाती हैं। वर्तमान राज्य स्तरीय आयोजन में केवल पारा एथलेटिक्स और पारा बैडमिंटन शामिल हैं, अन्य पारा खेल इस प्रतियोगिता का हिस्सा नहीं हैं और उनके लिए अलग से आयोजन किए जाते हैं। अधिक जानकारी एवं सहभागिता के लिए पारा एथलेटिक्स से संबंधित जानकारी हेतु दुर्गा दत्ता साहू (7979781131). तथा पारा बैडमिंटन से संबंधित जानकारी हेतु बजरंगी प्रियारणजन (मो. 8210496902) से संपर्क किया जा सकता है।




