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रेडियंट झारखंड 2.0 का समापन 31 को, दूसरे दिन 5000 हजार से ज्यादा लोगों ने प्रदर्शनी का किया अवलोकन

कोल्हान के अलग-अलग शैक्षणिक संस्थान के छात्रों ने शिक्षा, कैरियर एवं प्लेसमेंट की ली जानकारी क्राफ्ट्स ऑफ गुजरात की लखटकिया साड़ी बनी आकर्षण का केंद्र

जमशेदपुर-  रेडियंट झारखंड 2.0 का समापन 31 को, दूसरे दिन 5000 हजार से ज्यादा लोगों ने प्रदर्शनी का किया अवलोकन

कोल्हान के अलग-अलग शैक्षणिक संस्थान के छात्रों ने शिक्षा, कैरियर एवं प्लेसमेंट की ली जानकारी

क्राफ्ट्स ऑफ गुजरात की लखटकिया साड़ी बनी आकर्षण का केंद्र

झारखंड जैव विविधता पर्षद के स्टॉल पर पशु पक्षी कृषि तथा उद्यान से जुड़े क्वीज में छात्रों ने लिया हिस्सा

जमशेदपुर –  विज्वल मिथ्स एवं ‘लेडीज़ सर्कल इंडिया जीएमसीएलसी-160 संस्था के संयुक्त तत्वावधान में शहर के होटल रमाडा में दूसरी बार आयोजित ‘रेडियंट झारखंड 2.0’ प्रदर्शनी के दूसरे दिन शुक्रवार को कोल्हान के अलग-अलग क्षेत्रों से काफी संख्या में लोग प्रदर्शनी देखने पहुंचे. जिसमें ज्यादातर युवा व छात्र शामिल रहे. अलग-अलग शैक्षणिक संस्थानों से आए विद्यार्थियों ने वहां लगाए गए एक-एक स्टॉल का दौरा किया तथा ज्ञानवर्धक, कैरियर एवं प्लेमेंट से जुड़ी जानकारियां प्राप्त की. साथ ही वहां कराए जा रहे क्वीज कंपीटिशन में हिस्सा लिया. प्रदर्शनी में सरकारी एवं गैर सरकारी संस्थानों के 50 से ज्यादा स्टॉल लगाए गए हैं. जहां लोग जाकर केंद्र सरकार व राज्य द्वारा चलायी जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर रहे हैं. प्रत्येक स्टॉल पर एक्सपर्ट्स उन्हें विभाग की गतिविधियों की जानकारी साक्षा कर रहे हैं. इस दौरान विभाग से जुड़ी जानकारी के लिए लोगों को निःशुल्क पंपलेट्स, लिफलेट्स एवं कॉफी टेबल बुक भी दिए जा रहे हैं. प्रदर्शनी में छात्रों की ज्यादा भीड़ दिखी. खासकर आरडी टाटा टेक्निकल एजुकेशन सेंटर के छात्रों की ओर से तैयार किए गए स्मार्ट की (चाबी) कैबिनेट, ट्रैस बीओटी कोड तथा रोबोट की छात्रों ने सराहना की, इसी तरह सीएसआईआर राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला (एनएमएल) के स्टॉल, भारत सरकार के रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय (सिपेट) द्वारा संचालित शॉट एवं लांग टर्म कोर्स तथा प्लेसमेंट से जुड़े स्टॉल, आईसीएमआर, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेस्ट मैनेजमेंट के स्टॉल पर देखी गई. प्रदर्शनी में झारखंड जैव विविधता पर्षद की ओर से लगाए गए स्टॉल पर छात्रों ने पशु, पक्षी, कृषि, उद्यान से जुड़ी ज्ञानवर्धक जानकारियां प्राप्त की. साथ ही क्वीज में हिस्सा लेकर पुरस्कार प्राप्त किया.

लखटकिया साड़ी बनी आकर्षण का केंद्र

प्रदर्शनी का प्रमखु आकर्षण गजुरात हथकरघा एवं हस्तशिल्प का स्टॉल रहा. यहां 11 हजार से लेकर 2.40 लाख की साड़ी आकर्षण का केंद्र रही. आयोजकों ने बताया कि क्राफ्ट्स ऑफ गुजरात की डबल एकत पटान पटोला साड़ी की कीमत 96 हजार से प्रारंभ होकर 2.40 लाख तक की है. इस साड़ी की खाशियत यह है कि यह सभी वीव से निर्मित है. इसी तरह आशावली साड़ी की कीमत 56 हजार 700 तथा 83 हजार 600 रुपये की है. जबकि टांगलिया साड़ी की कीमत 16 एवं 20 हजार रुपये में उपलब्ध है. आयोजकों ने बताया कि यह उत्पाद भारत की समृद्ध विरासत को प्रतिबिंबित करता है.

समापन आज, उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले होंगे पुरस्कृत

तीन दिवसीय प्रदर्शनी का समापन 31 जनवरी शनिवार को होगा. समापन समारोह में अतिथि के रुप में सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष मानव केडिया, समाजसेवी प्रभाकर सिंह समेत अन्य अतिथि मौजूद रहेंगे. विज्वल मिथ्स के चेयरमैन वनीश गुप्ता एवं प्रोजेक्ट डायरेक्टर किंजल गांधी एवं नीतू पाल गुप्ता ने संयुक्त रुप से बताया कि प्रदर्शनी में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विभाग के पदाधिकारियों के अलावे विभिन्न प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया जाएगा. साथ ही अतिथियों को मोमेंटो देकर सम्मानित किया जाएगा.

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