जमशेदपुर में 1 फरवरी को होगा राज्य स्तरीय बंगीय उत्सव 2026, बिष्टुपुर गोपाल मैदान बनेगा सांस्कृतिक केंद्र
झारखंड में बंगला भाषा एवं सांस्कृतिक धरोहर को संजोने के उद्देश्य से राज्य स्तरीय बंगीय उत्सव 2026 का भव्य आयोजन 01 फरवरी 2026 को बिष्टुपुर स्थित गोपाल मैदान में किया जाएगा। इस आयोजन की जानकारी बंगीय उत्सव समिति के अध्यक्ष एवं योग गुरु अंशु सरकार ने एक संवाददाता सम्मेलन में दी

जमशेदपुर में 1 फरवरी को होगा राज्य स्तरीय बंगीय उत्सव 2026, बिष्टुपुर गोपाल मैदान बनेगा सांस्कृतिक केंद्र

जमशेदपुर- झारखंड में बंगला भाषा एवं सांस्कृतिक धरोहर को संजोने के उद्देश्य से राज्य स्तरीय बंगीय उत्सव 2026 का भव्य आयोजन 01 फरवरी 2026 को बिष्टुपुर स्थित गोपाल मैदान में किया जाएगा। इस आयोजन की जानकारी बंगीय उत्सव समिति के अध्यक्ष एवं योग गुरु अंशु सरकार ने एक संवाददाता सम्मेलन में दी। उन्होंने बताया कि यह उत्सव सुबह 10 बजे से प्रारंभ होगा, जिसमें झारखंड के विभिन्न जिलों से कलाकार, साहित्यकार और संस्कृति प्रेमी बड़ी संख्या में शामिल होंगे। यह उत्सव बांग्ला भाषा, लोककला और सांस्कृतिक विरासत को एक सशक्त मंच प्रदान करेगा। कार्यक्रम में सरकार योगा अकादमी की टीम द्वारा विशेष योग प्रदर्शन किया जाएगा। चास के पूपिन्की आश्रम एवं अखंड मंडली द्वारा आध्यात्मिक संगीत की प्रस्तुति होगी। नटराज संगीत विद्यालय, चाईबासा के कलाकार पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत करेंगे। मानसी म्यूजिक डांस अकादमी, घाटशिला की टीम द्वारा संगीत एवं नृत्य की प्रस्तुति दी जाएगी। जमशेदपुर की सौमी बोस, संदीप बोस, सुदीप्ता दास एवं उनकी टीम द्वारा बसंत ऋतु की थीम पर कथक एवं रवींद्र संगीत आधारित नृत्य प्रस्तुत किया जाएगा। वहीं सुब्रतो बिस्वास, अंजन राय संगीत और देबांजली राय चौधुरी की टीम द्वारा मनमोहक नृत्य प्रस्तुति होगी। प्रसिद्ध बांसुरी वादक अशोक दास और माउथ ऑर्गन वादक विकास कुमार शीट की जुगलबंदी विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगी। इसके अलावा रांची के सजल बनर्जी एवं उनकी टीम रवींद्र संगीत, पश्चिम बंगाल के मालदा से सुर संगम की टीम द्वारा बांग्ला लोक संगीत की प्रस्तुति दी जाएगी। संध्या समय प्रसिद्ध लोक गायिका अर्पिता चक्रवर्ती अपनी सुमधुर आवाज से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगी। इस भव्य आयोजन में झारखंड के सभी जिलों से हजारों की संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना है। यह उत्सव न केवल बंगाली समाज के लिए, बल्कि झारखंड की समग्र सांस्कृतिक विरासत के लिए भी एक महत्वपूर्ण अवसर होगा। कार्यक्रम के दौरान झारखंड की 25 सहयोगी संस्थाओं को सम्मानित किया जाएगा। बच्चों द्वारा गीता पाठ किया जाएगा। आयोजन में झारखंड सरकार के मंत्री दीपक बिरुआ, संस्था के मुख्य संरक्षक सुप्रियो भट्टाचार्य, टिंपलेट कंपनी के चीफ डॉ सौरोज्योति दे, एनआईटी के डायरेक्टर गौतम सूत्रधार, एन.एम.एल के डायरेक्टर संदीप घोष चौधरी, रामकृष्ण मिशन से स्वामीजी एवं ब्रह्मकुमारी से अंजू बहन हित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहेंगे। इस आयोजन की आधिकारिक घोषणा बिष्टुपुर स्थित मिलानी सभागार में की गई, जहां बंगीय उत्सव समिति के चेयरमैन पार्थ सारथी चटर्जी, अध्यक्ष अंशु सरकार, कार्यकारी अध्यक्ष अपर्णा गुहा, महासचिव उत्तम गुहा, इंद्रजीत घोष, पुरबी घोष, मिथिलेश घोष, शुभंकर चटर्जी, राजू दत्ता, अशोक दत्ता, प्रकाश मुखर्जी, नांटू सरकार, देबजीत सरकार, बाबूलाल चक्रबर्ती और कोषाध्यक्ष अमित माइति सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे। बिष्टुपुर का गोपाल मैदान इस दिन रंग-बिरंगे सांस्कृतिक कार्यक्रमों से सराबोर रहेगा। समिति ने आम जनता से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस सांस्कृतिक महोत्सव को सफल बनाएं।




