जमशेदपुर में रेडिएंट झारखंड 2.0 मेगा प्रदर्शनी आज से शुरू हो गया है
विजुअल मिथ्स द्वारा अपने सहयोगी संस्था लेडिस सर्कल इंडिया के संयुक्त प्रयास से इस तीन दिवसीय प्रदर्शनी का उदघाटन एलबीएसएम कॉलेज के प्राचार्य डॉक्टर अशोक कुमार झा अविचल, एडीएल सनशाइन स्कूल की प्राचार्य मंजू सिंह एवं टाटा वर्कर्स यूनियन स्कूल की एस केरकेट्टा द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया और फीता काटकर उदघाटन किया गया
जमशेदपुर- जमशेदपुर में रेडिएंट झारखंड 2.0 मेगा प्रदर्शनी आज से शुरू हो गया है।
विजुअल मिथ्स द्वारा अपने सहयोगी संस्था लेडिस सर्कल इंडिया के संयुक्त प्रयास से इस तीन दिवसीय प्रदर्शनी का उदघाटन एलबीएसएम कॉलेज के प्राचार्य डॉक्टर अशोक कुमार झा अविचल, एडीएल सनशाइन स्कूल की प्राचार्य मंजू सिंह एवं टाटा वर्कर्स यूनियन स्कूल की एस केरकेट्टा द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया और फीता काटकर उदघाटन किया गया
इस प्रदर्शनी में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, विज्ञान, पर्यावरण सहित विभिन्न क्षेत्रों पर विशेष स्टाल लगाए गए हैं। कुल 59 स्टाल लगाए गए हैं। जिसमें केंद्र एवं राज्य सरकार के विभाग, राष्ट्रीय अनुसंधान संस्थान, परमाणु ऊर्जा, इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी सहित कई स्टाल लगाए गए हैं।
इलेक्ट्रॉनिक मंत्रालय के वैज्ञानिक उस्मान बताते हैं कि केंद्र सरकार द्वारा आईटी के क्षेत्र पर कई नई योजनाओं को बनाया जा रहा है।
वहीं निखिल गौरव बताते हैं कि हैंडलूम प्रोडक्ट में आठ तरह के टेक्सटाइल का प्रयोग किया गया है। इसमें कोई मशीन से कार्य नहीं किया जाता है। तसर सिल्क, दुपट्टा सहित कई तरह के चीज बनाए जाते हैं।
वहीं झारखंड के रांची से आई हुई कामिनी सिंह बताती है कि हमारे स्लॉट में मधुबनी एवं सोहराय पेंटिंग के नए-नए नवाचार देखने को मिलेंगे।
कृषि मंत्रालय के सहायक निदेशक प्रीति कुमारी बताते हैं कि पेस्टिसाइड का विकल्प के रूप में हम क्या प्रयोग कर सकते हैं।
वहीं जादूगोड़ा यूरेनियम माइन्स के मुख्य सूचना अधिकारी विनय पांडे बताते हैं कि परमाणु का क्या महत्व है, यह हम बच्चों को समझाते हैं।
भारत सरकार के वैज्ञानिक उमेश प्रसाद सिन्हा बताते हैं कि हम लोग भारत सरकार के प्रायोजित योजना के बारे में बच्चों को बताते हैं।
वहीं रांची से आए ऑफिसर्स इंचार्ज स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर प्रवीण कुमार त्रिपाठी बताते हैं कि हमारा उद्देश्य बच्चों को विज्ञान के प्रति प्रेरित करना है।
वहीं आयोजन मंडली के किंजल गांधी और अनिशा बताती है कि हम लोग इस 3 दिनों में एग्रीकल्चर, स्पेस, ट्राइबल, मेडिकल, रिसर्च सहित सरकार की विभिन्न योजनाओं को स्कूल के बच्चों को बताते हैं कि किस क्षेत्र में आपकी रुचि है। वहां क्या-क्या संभावनाएं हैं, ताकि बच्चे उसे समझ सके और इसीलिए यह प्रदर्शनी पूरी तरह नि:शुल्क रखी गई है।
सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस की छात्राएं बताती है कि यहां हमें साइंस, टेक्नोलॉजी, जैविक विविधता सहित विभिन्न तरह के हस्तशिल्प आदि देखने को मिल रहा है। काफी आकर्षक स्टाल लगाए गए हैं और यहां आने से काफी जानकारी मिल रही है।
वहीं शिक्षिका बताती है कि हम अपने स्कूल के बच्चों को लेकर आए हैं, ताकि बच्चे इस प्रदर्शनी का लाभ उठा सके




