एनआईटी जमशेदपुर में एमएसएमई (MSME) क्षमता विकास के लिए पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी), जमशेदपुर के कंप्यूटर विज्ञान एवं इंजीनियरिंग विभाग द्वारा आज वेब डेवलपमेंट के माध्यम से एमएसएमई के क्षमता निर्माण पर आधारित एक सप्ताह के उन्नत प्रबंधन विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम (A-MDP) का भव्य उदघाटन किया गया। भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) मंत्रालय द्वारा वित्तपोषित यह कार्यक्रम 31 जनवरी तक चलेगा

एनआईटी जमशेदपुर में एमएसएमई (MSME) क्षमता विकास के लिए पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ

सरायकेला खरसावां आदित्यपुर- राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी), जमशेदपुर के कंप्यूटर विज्ञान एवं इंजीनियरिंग विभाग द्वारा आज वेब डेवलपमेंट के माध्यम से एमएसएमई के क्षमता निर्माण पर आधारित एक सप्ताह के उन्नत प्रबंधन विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम (A-MDP) का भव्य उदघाटन किया गया। भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) मंत्रालय द्वारा वित्तपोषित यह कार्यक्रम 31 जनवरी तक चलेगा
कार्यक्रम का उदघाटन मुख्य अतिथि डॉ. राजीव श्रीवास्तव (निदेशक, IIIT रांची) द्वारा किया गया। उन्होंने डिजिटल युग में एमएसएमई क्षेत्र के लिए तकनीकी कौशल की अनिवार्यता पर जोर दिया। इस अवसर पर एनआईटी जमशेदपुर के पूर्व छात्र राजीव रंजन ‘विशिष्ट अतिथि’ (Guest of Honor) के रूप में उपस्थित रहे।
संस्थान के निदेशक और कार्यक्रम के संरक्षक प्रो. गौतम सूत्रधर ने अपने संबोधन में कहा कि इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य उद्यमियों और छोटे व्यवसायियों को आधुनिक वेब तकनीकों से लैस करना है ताकि वे वैश्विक बाजार में अपनी पहचान बना सकें।
यह पाँच दिवसीय कार्यक्रम मुख्य रूप से निम्नलिखित तकनीकी पहलुओं पर केंद्रित है:
* वेबसाइट निर्माण: HTML, CSS, JavaScript और Bootstrap का उपयोग।
* ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म: CMS आधारित वेबसाइट्स (WordPress, Wix, Shopify) का विकास।
* डिजिटल मार्केटिंग: SEO (सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन) और वेब एनालिटिक्स।
* सुरक्षा: भुगतान गेटवे एकीकरण और साइबर सुरक्षा के सर्वोत्तम अभ्यास।
कार्यशाला में देश के विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों जैसे IIIT नया रायपुर, मणिपाल विश्वविद्यालय जयपुर, एनआईटी राउरकेला और मैनिट (MANIT) भोपाल के विषय विशेषज्ञ प्रतिभागियों को प्रशिक्षित करेंगे। इसके साथ ही ‘वेबोक्टा’ (WEBOCTA) जैसी तकनीकी कंपनियों के संस्थापक भी व्यावहारिक सत्र संचालित करेंगे।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में प्रो. राम विनय शर्मा (उप-निदेशक), प्रो. सतीश कुमार (डीन, R&C), और डॉ. दिलीप कुमार शॉ (विभागाध्यक्ष, CSE) की अहम भूमिका रही। इस पूरे कार्यक्रम का समन्वय डॉ. बिनोद कुमार सिंह, डॉ. चन्द्रशेखर आज़ाद, डॉ. कनिका प्रसाद और प्रो. दानिश अली खान द्वारा किया जा रहा है।
इस कार्यक्रम के सफल संचालन में छात्र समन्वयकों की टीम सप्तर्षि, हरीश, उज़रा रहमान, अंगना सूत्रधर,संदीप और नयन अहम भूमिका निभा रहे हैं। पंजीकरण से लेकर तकनीकी सत्रों के प्रबंधन तक, इन युवाओं की समर्पित भागीदारी और मेहनत की विभाग ने काफी सराहना की है।
यह कार्यशाला न केवल प्रतिभागियों के तकनीकी ज्ञान को बढ़ाएगी, बल्कि झारखंड और आसपास के क्षेत्रों के सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी।




