यूजीसी विनिमयन शिक्षा व्यवस्था के लिए घातक – मुकुल मिश्रा
उपायुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन के साथ ही जन जागरुकता अभियान भी चलाया जाएगा

यूजीसी विनिमयन शिक्षा व्यवस्था के लिए घातक – मुकुल मिश्रा
उपायुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन के साथ ही जन जागरुकता अभियान भी चलाया जाएगा
जमशेदपुर- विश्वविद्यालय वित्त आयोग (यूजीसी) द्वारा हाल में जारी विनियमन को लेकर मंगलवार को सोनारी के भूतनाथ मंदिर के सामने सामान्य वर्ग की अहम बैठक आयोजित कर यूजीसी बिल पर गंभीर चिंता व्यक्त कर इसे शिक्षा व्यवस्था के लिए घातक बताया गया।
बैठक में उपस्थित विधायक जनसुविधा प्रतिनिधि मुकुल मिश्रा ने कहा कि यह बिल उच्च शिक्षा की स्वायत्तता को समाप्त करने वाला है और इससे विश्वविद्यालयों की स्वतंत्रता पर सीधा प्रभाव पड़ेगा। इस कानून से शिक्षा का केन्द्रीकरण होगा, जिससे राज्यों के अधिकार और स्थानीय शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका कमजोर होगी।
बैठक में मौजूद रवि शंकर सिंह और आशुतोष सिंह ने कहा कि यूजीसी बिल के माध्यम से सरकार विश्वविद्यालयों के प्रशासन, नियुक्तियों और अकादमिक निर्णयों में अत्यधिक हस्तक्षेप करेगी, जो लोकतांत्रिक और संविधान प्रदत्त शिक्षा के अधिकारों के एकदम खिलाफ है। इससे न केवल शिक्षकों की स्वतंत्रता प्रभावित होगी बल्कि छात्रों के भविष्य पर भी नकारात्मक असर पड़ेगा।
वक्ताओं ने कहा कि विभिन्न समाजों द्वारा 29 जनवरी को उपायुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद इस बिल के खिलाफ जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। यह भी तय किया गया कि अन्य सामाजिक संगठनों, शिक्षकों के संगठनों और छात्र संगठनों से संपर्क कर एक व्यापक आंदोलन खड़ा किया जाएगा।
बैठक में महेश्वर पांडेय, रमेश प्रसाद सिन्हा, कमल दूबे, विनोद सिंह, अरविंद मिश्रा, शंभू सिंह, भूषण पाठक, जितेंद्र सिंह, भूषण पांडेय, संतोष मिश्रा, मुन्ना जंघेल आदि मौजदूद रहे



