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टाटा स्टील जमशेदपुर ने देशभक्ति की भावना के साथ 77वां गणतंत्र दिवस मनाया

टाटा स्टील जमशेदपुर ने भारत का 77वां गणतंत्र दिवस गर्व और गरिमा के साथ मनाया। इस अवसर पर वर्क्स मेन गेट पर आयोजित समारोह में टाटा स्टील के वाइस प्रेसिडेंट कॉरपोरेट सर्विसेज, डी बी सुंदरा रामम ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया

टाटा स्टील जमशेदपुर ने देशभक्ति की भावना के साथ 77वां गणतंत्र दिवस मनाया

जमशेदपुर – टाटा स्टील जमशेदपुर ने भारत का 77वां गणतंत्र दिवस गर्व और गरिमा के साथ मनाया। इस अवसर पर वर्क्स मेन गेट पर आयोजित समारोह में टाटा स्टील के वाइस प्रेसिडेंट कॉरपोरेट सर्विसेज, डी बी सुंदरा रामम ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया।

इस समारोह में टाटा स्टील के वरिष्ठ अधिकारी, टाटा वर्कर्स यूनियन (टीडब्ल्यूयू) के प्रतिनिधि, सेवानिवृत्त अधिकारी, शहर की सीनियर एडवाइजरी काउंसिल के सदस्य तथा मीडिया जगत के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

ध्वजारोहण के बाद उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए सुंदरा रामम ने कहा कि भारत का संविधान देश के लोकतांत्रिक मूल्यों की आधारशिला है, जो स्वतंत्रता, एकता, न्याय और समानता का प्रतीक है। उन्होंने एक संप्रभु गणराज्य के रूप में भारत की यात्रा पर प्रकाश डाला और यह भी रेखांकित किया कि गणतंत्र दिवस राष्ट्र निर्माण में हमारी सामूहिक जिम्मेदारी की याद दिलाता है।

उन्होंने कहा कि टाटा स्टील विकसित भारत की दिशा में देश की यात्रा में राष्ट्र का सहभागी बनने के लिए प्रतिबद्ध है, जो वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के दृष्टिकोण के अनुरूप है। उन्होंने भारत में कंपनी के निरंतर निवेश, जिम्मेदार विकास तथा सतत स्टील निर्माण पर केंद्रित प्रयासों को भी रेखांकित किया।

सुंदरा रामम ने आगे कहा कि टाटा स्टील नवीकरणीय ऊर्जा, सर्कुलर इकॉनमी के अभ्यासों और नवाचारी हरित प्रौद्योगिकियों को अपनाने की पहलों के माध्यम से वर्ष 2045 तक नेट ज़ीरो उत्सर्जन के लक्ष्य की ओर निरंतर प्रगति कर रही है। उन्होंने ‘वन टाटा स्टील’ की मजबूत सोच को भी रेखांकित किया, जो कंपनी के वैश्विक संचालन में सहयोगात्मक दृष्टिकोण को दर्शाती है।

टाटा स्टील के समुदायों के साथ गहरे और मजबूत जुड़ाव पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि कंपनी की एक सदी से अधिक की यात्रा केवल बुनियादी अवसंरचना के विकास तक सीमित नहीं रही है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, कौशल विकास, खेल, स्वच्छता और आजीविका सृजन जैसे क्षेत्रों में निरंतर योगदान देती रही है। उन्होंने यह भी कहा कि विविधता, समावेशन और कर्मचारियों का कल्याण टाटा स्टील की संगठनात्मक संस्कृति के मूल में हैं।

ध्वजारोहण और अपने संबोधन के बाद सुंदरा रामम ने मीडिया प्रतिनिधियों से संवाद किया और राष्ट्र निर्माण, सतत विकास तथा भारत की विकास यात्रा में टाटा स्टील की निरंतर भूमिका पर कंपनी का दृष्टिकोण साझा किया।

यह आयोजन उपस्थित सभी लोगों में राष्ट्रीय गौरव और प्रतिबद्धता की नई भावना के साथ संपन्न हुआ।

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