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संथाली भाषा और ओलचिकी लिपि के शताब्दी समारोह में राष्ट्रपति करेंगी शिरकत, विधायक संजीव सरदार ने आयोजन कमिटी के साथ की चर्चा

29 दिसम्बर को दिशोम जाहेर, करनडीह, जमशेदपुर में देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का आगमन प्रस्तावित है। राष्ट्रपति यहां आयोजित 22वें संथाली “पारसी महा” एवं ओलचिकी लिपि के शताब्दी वर्ष (100 वर्ष पूर्ण होने) के भव्य समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगी। यह आयोजन संथाली भाषा के प्रचार-प्रसार और ओलचिकी लिपि के सौ वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है

संथाली भाषा और ओलचिकी लिपि के शताब्दी समारोह में राष्ट्रपति करेंगी शिरकत, विधायक संजीव सरदार ने आयोजन कमिटी के साथ की चर्चा

जमशेदपुर- 29 दिसम्बर को दिशोम जाहेर, करनडीह, जमशेदपुर में देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का आगमन प्रस्तावित है। राष्ट्रपति यहां आयोजित 22वें संथाली “पारसी महा” एवं ओलचिकी लिपि के शताब्दी वर्ष (100 वर्ष पूर्ण होने) के भव्य समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगी। यह आयोजन संथाली भाषा के प्रचार-प्रसार और ओलचिकी लिपि के सौ वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है।

राष्ट्रपति के प्रस्तावित दौरे को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसी क्रम में शुक्रवार को पोटका विधानसभा क्षेत्र के विधायक संजीव सरदार कार्यक्रम स्थल दिशोम जाहेर पहुंचे और आयोजन समिति के सदस्यों के साथ बैठक की. उन्होंने कमिटी के साथ कार्यक्रम की विस्तारपूर्वक जानकारी ली और आयोजन के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की।

विधायक संजीव सरदार ने कहा कि यह कार्यक्रम न केवल संथाली समाज बल्कि पूरे झारखंड के लिए गौरव का विषय है। राष्ट्रपति का इस ऐतिहासिक आयोजन में शामिल होना संथाली भाषा, संस्कृति और ओलचिकी लिपि को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

इस अवसर पर आयोजन समिति की ओर से रविंद्रनाथ मुर्मू, वीर प्रताप मुर्मू, गणेश टुडू, शंकर हेंब्रम, कुशल हांसदा, बाबूलाल, जोबा मुर्मू और मानसिंह मांझी समेत अन्य सदस्य उपस्थित थे।

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