रजत जयंती वर्ष में एकजुट होकर संयुक्त मांग-पत्र तैयार करने की पहल
झारखंड आंदोलनकारियों की सामाजिक सुरक्षा पर 22 नवंबर को महत्वपूर्ण बैठक

फुलडुंगरी/घाटशिला- झारखंड आंदोलनकारियों की सामाजिक सुरक्षा पर 22 नवंबर को महत्वपूर्ण बैठक
रजत जयंती वर्ष में एकजुट होकर संयुक्त मांग-पत्र तैयार करने की पहल
जमशेदपुर- झारखंड राज्य के गठन के 25 वर्ष एवं धरती आबा वीर बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती वर्ष पर राज्यभर के झारखंड आंदोलनकारी सामाजिक सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों के मुद्दे पर एकजुट हो रहे हैं। इसी सिलसिले में ‘झारखंड आंदोलनकारी सेनानी समन्वय आह्वान’ की ओर से एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन 22 नवंबर 2025 (शनिवार) को प्रातः 11 बजे, बाबा तिलका माझी क्लब, फुलडुंगरी, घाटशिला में किया जा रहा है।
आयोजन समिति ने बताया कि वर्तमान सामाजिक सुरक्षा नीति सीमित होने के कारण हजारों आंदोलनकारी—विशेषकर वे जिन्होंने जेल नहीं गए पर आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई—आज भी पेंशन, स्वास्थ्य सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन से वंचित हैं। इस स्थिति में अब एक मजबूत संयुक्त मंच की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
बैठक का मुख्य एजेंडा:
बैठक में एक संयुक्त मांग-पत्र को अंतिम रूप दिया जाएगा, जिसमें निम्न प्रमुख प्रस्ताव शामिल होंगे—
•सभी आंदोलनकारियों के लिए समान सामाजिक सुरक्षा एवं प्रशस्ति पत्र
•पेंशन में उचित वृद्धि तथा नियमित भुगतान
•सभी के लिए समूह जीवन एवं स्वास्थ्य बीमा
•आश्रितों को सरकारी नौकरी
•झारखंड आंदोलनकारी संग्रहालय सह स्मारक का निर्माण
•झारखंड आंदोलनकारी आयोग का पुनर्गठन एवं सशक्तिकरण,
यह भी कहा गया है कि सरकार को आंदोलनकारियों के मुद्दों पर संवाद प्रारंभ कर सम्मानजनक समाधान की दिशा में पहल करनी चाहिए।
अंत में आयोजन समिति ने सभी आंदोलनकारियों एवं संगठनों से अपील की है कि वे बैठक में भाग लेकर संयुक्त संघर्ष को मजबूत करें.
आयोजन समिति की ओर से- प्रो. श्याम मुर्मू, संतोष सोरेन, आदित्य प्रधान, सुरई बास्के, अजीत तिर्की मौजूद थे




