एनआईटी जमशेदपुर में प्रथम हाइब्रिड अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन WASTEEM-2025 का उदघाटन
Women in Agriculture, Science, Technology, Education, Engineering & Management 15–16 नवंबर 2025 | राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एन आईटी) जमशेदपुर

एनआईटी जमशेदपुर में प्रथम हाइब्रिड अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन WASTEEM-2025 का उदघाटन
Women in Agriculture, Science, Technology, Education, Engineering & Management
15–16 नवंबर 2025 | राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एन आईटी) जमशेदपुर

कृषि, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, शिक्षा, इंजीनियरिंग और प्रबंधन में महिलाओं की भागीदारी पर आधारित प्रथम हाइब्रिड अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन WASTEEM-2025 का आयोजन “A Roadmap to Sustainability, Skill Development & Innovation” थीम के साथ 15 नवंबर 2025 को एनआईटी जमशेदपुर के सेंटर फॉर इनोवेशन एंड इन्क्यूबेशन काउंसिल (CIIC) द्वारा किया गया। इस सम्मेलन का उद्देश्य वैश्विक स्तर पर महिलाओं के योगदान को उजागर करना, उनका उत्सव मनाना तथा उनकी भागीदारी, दृश्यता और नेतृत्व को बढ़ावा देना है।
उदघाटन सत्र की शोभा बढ़ाई मुख्य अतिथि प्रो. विनिता एस. सहाय, निदेशक, आईआईएम बोधगया; विशिष्ट अतिथि प्रो. जी. अघिला, निदेशक, एनआईटी तिरुचिरापल्ली; प्रो. सुधा गोयल, आईआईटी खड़गपुर और मंजू कुमारी, डिप्टी जनरल मैनेजर, टाटा कंसल्टिंग इंजीनियर्स ने। अतिथि-विशिष्ट सम्मान के रूप में डॉ. सुपर्णा मुखोपाध्याय, अतिरिक्त महाप्रबंधक (फ्यूल मैनेजमेंट), एनटीपीसी लिमिटेड उपस्थित रहीं। संरक्षक प्रो. गौतम सूत्रधार, निदेशक, एनआईटी जमशेदपुर और सह-संरक्षक प्रो. आर. वी. शर्मा, उपनिदेशक उपस्थित रहे।
सम्मेलन के अध्यक्ष प्रो. अमरेश कुमार एवं प्रो. एम. के. सिन्हा (निदेशक, CIIC) थे। संयोजकों में डॉ. मधु सिंह, विभागाध्यक्ष, विद्युत अभियांत्रिकी विभाग, तथा डॉ. रश्मि सिन्हा, अधिकारी (T&P), इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग शामिल थीं। सह-संयोजकों में डॉ. श्वेति सुधा (मानविकी, सामाजिक विज्ञान एवं प्रबंधन), डॉ. मायुरी बरूआ (उत्पादन अभियांत्रिकी) और डॉ. देबश्री स्वर्गियारी (सिविल इंजीनियरिंग) शामिल रहीं। आयोजन सचिवों में डॉ. शुभ्रांशु कुमार तिवारी (विद्युत अभियांत्रिकी), डॉ. सुशील कुमार (मानविकी, सामाजिक विज्ञान एवं प्रबंधन), तथा डॉ. अनुश्री दत्ता (धातुकर्म एवं पदार्थ अभियांत्रिकी) शामिल थे, जिन्होंने सम्मेलन का सफल संचालन किया।
सम्मेलन में प्रतिष्ठित मुख्य वक्ता एवं प्लेनरी वक्ताओं में डॉ. कीर्ति एस. कप्पागंतुला (PNNL, USA), प्रो. मौसमी रॉय (NIT दुर्गापुर), सुश्री वत्सला उपाध्याय (AI Junoon, USA), डॉ. स्वाति ढ़ीर (IMI दिल्ली), सुश्री सोनिया सल्दाना (लंदन बिजनेस स्कूल, USA) और सुश्री स्वगत डट्टा (अबू धाबी कमर्शियल बैंक) शामिल थे। उनके आलेखों और वक्तव्यों ने सम्मेलन की शैक्षणिक गहराई और वैश्विक प्रासंगिकता को और समृद्ध किया।
आमंत्रित अतिथियों मौसमी कुसुम (IBM सिलिकॉन वैली लैब, USA), डॉ. निर्मला सोरेन (झारखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी), श्रीमती नविता प्रसाद (इनर व्हील क्लब, जमशेदपुर), तथा अधिवक्ता ममता सिंह ने WASTEEM-2025 की पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह मंच महिला शोधकर्ताओं को सशक्त बनाने, उनकी उपलब्धियों को बढ़ावा देने तथा शैक्षणिक और सामाजिक नेतृत्व को प्रोत्साहित करने का उत्कृष्ट उदाहरण है। सम्मेलन के प्रायोजकों RSB Global (संस्थापक आर. के. बेहरा), DCB बैंक ( मुकेश कुमार, स्टेट हेड और मनीष सिन्हा, ब्रांच मैनेजर), तथा अधुनिक पावर (CEO अरुण मिश्रा) के सहयोग के लिए संस्था ने उनके प्रति आभार व्यक्त किया
मुख्य अतिथि प्रो. विनिता एस. सहाय ने अपने वक्तव्य में कहा कि एक सतत और प्रगतिशील समाज के निर्माण में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। “महिलाओं के लिए स्थिरता, कौशल विकास एवं नवाचार का रोडमैप” विषय पर बोलते हुए उन्होंने महिलाओं को भविष्य-उन्मुख कौशल प्रदान करने और उन्हें आत्मविश्वास एवं रचनात्मक नेतृत्व के लिए प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि जेनरेशन-Z और जेनरेशन-अल्फा के सामने बढ़ती चिंता एवं अनिश्चितता को देखते हुए शिक्षण संस्थानों को संवेदनशीलता के साथ दिशा प्रदान करनी होगी। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि राष्ट्रीय विकास के लिए हर क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी अनिवार्य है।
डॉ. कैथरीन ब्लैक (प्रोवोस्ट एवं वाइस प्रेसिडेंट, यूनिवर्सिटी ऑफ हार्टफोर्ड) तथा सम्माननीय सुसैन बाइज़िविक्ज़, लेफ्टिनेंट गवर्नर, कनेक्टिकट एवं चेयर, गवर्नर काउंसिल ऑन वीमेन एंड गर्ल्स, ने भी सम्मेलन के आयोजन पर एनआईटी जमशेदपुर को बधाई दी और शुभकामनाएँ प्रेषित कीं।
प्रो. जी. अघिला, निदेशक, एनआईटी तिरुचिरापल्ली, ने तकनीकी शिक्षा और शोध में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हालांकि महिलाएँ बड़े पैमाने पर STEM में प्रवेश कर रही हैं, फिर भी कई चुनौतियाँ—कार्य-जीवन संतुलन, सामाजिक अपेक्षाएँ और नेतृत्व के सीमित अवसर—आज भी मौजूद हैं। उन्होंने संस्थानों से लचीली नीतियाँ, मेंटरिंग और समावेशी वातावरण प्रदान करने की अपील की।
प्रो. गौतम सूत्रधार, निदेशक, एनआईटी जमशेदपुर, ने बताया कि राष्ट्रीय स्तर पर फैकल्टी में महिलाओं की हिस्सेदारी लगभग 43% है, परंतु NITs में STEM क्षेत्रों में यह संख्या अभी भी 20% से कम है। उन्होंने छात्राओं के प्रवेश को 20% से बढ़ाकर 30% और दीर्घकाल में 35–40% तक ले जाने का लक्ष्य साझा किया। उन्होंने एनआईटी जमशेदपुर की लैंगिक-समावेशी अकादमिक वातावरण की प्रतिबद्धता को दोहराया।
प्रो. सुधा गोयल (IIT खड़गपुर), सुश्री मंजू कुमारी (TCE), तथा डॉ. सुपर्णा मुखोपाध्याय (NTPC) ने महिलाओं की सतत इंजीनियरिंग, उद्योग-अकादमिक सहयोग और ऊर्जा एवं नवाचार में नेतृत्व की आवश्यकता पर जोर दिया
स्वागत भाषण में बताया गया कि WASTEEM-2025 को भारत एवं विदेशों से 150 से अधिक उच्च-गुणवत्ता वाले शोधपत्र मिले, जो सम्मेलन की बहु-अनुशासनिक महत्ता और वैश्विक प्रभाव को दर्शाता है। पहले दिन ऑफलाइन तकनीकी सत्र आयोजित किए गए, जहाँ चयनित शोधकर्ताओं ने अपने कार्य प्रस्तुत किए और विशेषज्ञों के साथ सार्थक संवाद स्थापित किया।
समानांतर रूप से आयोजित SUSTAINOVATE 2025, “Student Innovations for a Greener Tomorrow,” में एनआईटी जमशेदपुर के यूजी और पीजी विद्यार्थियों ने पोस्टर, अवधारणा मॉडलों और नवाचार प्रदर्शनों के माध्यम से अपनी रचनात्मकता प्रस्तुत की। इस सत्र का मूल्यांकन प्रो. सुधा गोयल और डॉ. सुपर्णा मुखोपाध्याय ने किया, जिनकी प्रेरणादायक टिप्पणियों ने विद्यार्थियों को अपने विचार और बेहतर ढंग से विकसित करने को प्रोत्साहित किया।
उदघाटन समारोह का समापन डॉ. देबश्री स्वर्गियारी (आयोजन सचिव) के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। संस्थान की प्रथम महिला इंद्राणी सूत्रधार ने भी अपने विचार साझा करते हुए कहा कि शिक्षा और समाज में महिलाओं की भूमिका निरंतर विकसित हो रही है और हमें मिलकर उनके सशक्तिकरण के लिए प्रयास करना चाहिए।
संध्या के सांस्कृतिक कार्यक्रम में संगीत, नृत्य और रचनात्मक प्रस्तुतियों ने वातावरण को उत्साहपूर्ण बना दिया। यह कार्यक्रम सम्मेलन की भावना को प्रतिबिंबित करते हुए एनआईटी जमशेदपुर की सांस्कृतिक समृद्धि का सुंदर प्रदर्शन था।
WASTEEM-2025 का दूसरा दिन (16 नवंबर) हाइब्रिड तकनीकी सत्र, ऑनलाइन शोध प्रस्तुतियों, प्लेनरी व्याख्यानों और विशेषज्ञ संवादों के साथ जारी रहेगा। विद्यार्थी-केंद्रित गतिविधियाँ, नेटवर्किंग और शोध-उत्कृष्टता पर चर्चाएँ भी आयोजित होंगी। यह सम्पूर्ण आयोजन महिलाओं द्वारा संचालित नवाचार, समावेशी उत्कृष्टता और बहु-अनुशासनिक वैश्विक शोध को बढ़ावा देने में एनआईटी जमशेदपुर की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।




