जिला परिषद सदस्य डॉ. परितोष सिंह ने केंद्रीय आम बजट पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट आम जनता के हित में बिल्कुल नहीं है
आम आदमी को "महंगाई से राहत" और "टैक्स में बड़ी कटौती" जैसे लोकप्रिय फैसलों की कमी साफ दिखाई दे रही है, जो जनता की उम्मीदों पर पानी फेरने वाला है

जमशेदपुर- जिला परिषद सदस्य डॉ. परितोष सिंह ने केंद्रीय आम बजट पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट आम जनता के हित में बिल्कुल नहीं है। आम आदमी को “महंगाई से राहत” और “टैक्स में बड़ी कटौती” जैसे लोकप्रिय फैसलों की कमी साफ दिखाई दे रही है, जो जनता की उम्मीदों पर पानी फेरने वाला है।शिक्षा को ‘विकसित भारत’ का आधार बताने के बावजूद आंकड़े चिंताजनक हैं। शिक्षा जगत के विशेषज्ञों की लंबे समय से मांग रही है कि शिक्षा पर बजट जीडीपी का 6% होना चाहिए, लेकिन इस बजट में भी यह आंकड़ा मात्र 3% के आसपास सिमट कर रह गया है। यह विकास के दावों पर सवाल खड़े करता है।सबसे दुखद यह है कि गाँव, किसान और खेती अब सरकार की प्राथमिकताओं से पूरी तरह बाहर हो चुके हैं। पहली बार ऐसा बजट आया है जिसमें किसान का नाम तक नहीं लिया गया—न सिंचाई, न खाद, न खेतिहर मजदूरों का कोई जिक्र। ग्रामीण भारत की उपेक्षा असहनीय है।डॉ. परितोष सिंह ने कहा, “यह बजट अमीरों और कॉर्पोरेट्स के लिए है, आम जनता और किसानों के लिए नहीं। जनता को इसका जवाब देना होगा।




