डीआरसीएचओ सह नोडल मिर्गी जांच अभियान ने धालभूमगढ़, चाकुलिया एवं घाटशिला में मिर्गी मरीजों से किया संवाद
उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी की पहल पर जिले में मिर्गी रोग से पीड़ित मरीजों के उपचार हेतु संचालित प्रोजेक्ट उल्लास के अंतर्गत मरीजों को प्रदान की जा रही चिकित्सा सुविधा एवं सहायता का फीडबैक लिया जा रहा है। इसी क्रम में डीआरसीएचओ सह प्रोजेक्ट उल्लास के नोडल पदाधिकारी डॉ. रंजीत पांडा द्वारा धालभूमगढ़, चाकुलिया एवं घाटशिला क्षेत्र में मिर्गी मरीजों से संवाद किया गया

डीआरसीएचओ सह नोडल मिर्गी जांच अभियान ने धालभूमगढ़, चाकुलिया एवं घाटशिला में मिर्गी मरीजों से किया संवाद, प्रोजेक्ट उल्लास के तहत उपलब्ध कराए जा रहे चिकित्सा सुविधा एवं सहायता का लिया फीडबैक, चिकित्सकीय परामर्श का पालन करने के दिए निर्देश

जमशेदपुर- उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी की पहल पर जिले में मिर्गी रोग से पीड़ित मरीजों के उपचार हेतु संचालित प्रोजेक्ट उल्लास के अंतर्गत मरीजों को प्रदान की जा रही चिकित्सा सुविधा एवं सहायता का फीडबैक लिया जा रहा है। इसी क्रम में डीआरसीएचओ सह प्रोजेक्ट उल्लास के नोडल पदाधिकारी डॉ. रंजीत पांडा द्वारा धालभूमगढ़, चाकुलिया एवं घाटशिला क्षेत्र में मिर्गी मरीजों से संवाद किया गया। मौके पर डीपीसी श्री हाकिम प्रधान मौजूद रहे। इस दौरान डॉ. पांडा ने मरीजों से प्रोजेक्ट उल्लास के तहत उपलब्ध कराए जा रहे निःशुल्क उपचार, नियमित दवा आपूर्ति एवं स्वास्थ्य पर पड़ रहे सकारात्मक प्रभाव के संबंध में जानकारी प्राप्त की। मरीजों ने योजना के माध्यम से उपचार मिलने पर संतोष व्यक्त करते हुए अपने अनुभव साझा किए।
डीआरसीएचओ ने मरीजों को नियमित रूप से दवा लेने, चिकित्सकीय परामर्श का पालन करने एवं किसी भी समस्या की स्थिति में नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि प्रोजेक्ट उल्लास का उद्देश्य मिर्गी रोग से पीड़ित व्यक्तियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराकर उनके जीवन स्तर में सुधार लाना है। जिला प्रशासन द्वारा प्रोजेक्ट उल्लास के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सतत निगरानी एवं फील्ड स्तर पर संवाद किया जा रहा है।



