77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने गोपाल मैदान में किया झंडोतोलन, जिलावासियों को दी गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं
वरीय पुलिस अधीक्षक, उप विकास आयुक्त, पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण), पुलिस अधीक्षक (नगर), एसडीएम धालभूम, एसओआर सह एडीएम लॉ एंड ऑर्डर, निदेशक एनईपी सह अपर उपायुक्त तथा प्रशासन-पुलिस के अन्य पदाधिकारी समेत बड़ी संख्या में जिलेवासी समारोह में हुए शामिल

उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने आवासीय कार्यालय में झंडोतोलन कर तिरंगा झंडे को सलामी दी। उन्होंने समस्त जिलावासियों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दी




गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर गोपाल मैदान, बिष्टुपुर में आयोजित जिला स्तरीय समारोह में उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने परेड का निरीक्षण उपरांत झंडोतोलन कर तिरंगा झंडे को सलामी दी। सभी वीर स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करते हुए उन्होंने समस्त जिलावासियों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दी



समाहरणालय परिसर में उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने झंडोतोलन कर तिरंगे को सलामी दी



वरीय पुलिस अधीक्षक पीयूष पांडेय ने कार्यालय परिसर में झंडोतोलन कर तिरंगा झंडे को सलामी दी



अनुमंडल पदाधिकारी, धालभूम अर्नव मिश्रा ने कार्यालय परिसर में झंडोतोलन कर तिरंगा झंडे को सलामी दी
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77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने गोपाल मैदान में किया झंडोतोलन, जिलावासियों को दी गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं

वरीय पुलिस अधीक्षक, उप विकास आयुक्त, पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण), पुलिस अधीक्षक (नगर), एसडीएम धालभूम, एसओआर सह एडीएम लॉ एंड ऑर्डर, निदेशक एनईपी सह अपर उपायुक्त तथा प्रशासन-पुलिस के अन्य पदाधिकारी समेत बड़ी संख्या में जिलेवासी समारोह में हुए शामिल

जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त ने आवासीय कार्यालय, समाहरणालय एवं रेड क्रॉस भवन, वरीय पुलिस अधीक्षक ने एसएसपी कार्यालय, आवासीय कार्यालय एवं पुलिस लाइन, उप विकास आयुक्त सह परियोजना निदेशक ने आईटीडीए कार्यालय, एसडीओ धालभूम ने अनुमंडल कार्यालय धालभूम, एसडीओ घाटशिला ने अनुमंडल कार्यालय घाटशिला समेत अन्य कार्यालयों में कार्यालय प्रधान द्वारा किया गया झंडोतोलन

सभी प्रखंड मुख्यालयों एवं अन्य सरकारी कार्यालयों में कार्यालय प्रधान द्वारा झंडोतोलन कर दी गई राष्ट्रीय झंडे को सलामी, जिले भर में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया राष्ट्रीय पर्व

77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर जिला स्तरीय मुख्य समारोह गोपाल मैदान, बिष्टुपुर में आयोजित किया गया इस अवसर पर उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने झण्डारोहण किया एवं परेड की सलामी ली । समारोह में वरीय पुलिस अधीक्षक पीयूष पांडेय, उप विकास आयुक्त नागेन्द्र पासवान, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण ऋषभ गर्ग, पुलिस अधीक्षक नगर कुमार शिवाशीष, एसडीएम धालभूम अर्नव मिश्रा, एसओआर सह एडीएम लॉ एंड ऑर्डर राहुल जी आनंद जी, निदेशक एनईपी सह अपर उपायुक्त संतोष गर्ग समेत जिला स्तरीय पदाधिकारी शामिल हुए ।

जिला स्तरीय समारोह में परेड का प्रदर्शन एवं झांकी मुख्य आकर्षण का केन्द्र रहे। परेड में9 टुकड़ियां शामिल हुई जिसमें जिला महिला पुलिस को प्रथम, झारखंड सशस्त्र पुलिस (पुरूष)-06 को द्वितीय तथा जिला पुलिस (डीएपी) को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। वहीं झांकी में प्रथम स्थान परिवहन विभाग, द्वितीय स्थान शिक्षा विभाग और तृतीय स्थान समाज कल्याण विभाग की झांकी को प्राप्त हुआ । इस अवसर पर विजेताओं को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया


कार्यक्रम में सैन्य सम्मान से अलंकृत सैनिकों जूनियर वारंट ऑफिसर (शौर्य चक्र) मो. जावेद, हवलदार रघुनाथ हांसदा (सेना मेडल) तथा झारखंड आंदोलनकारियों तनवीर अहमद, मो एजाजुल हक, मो मुस्ताक, मो मकसुद आलम, मो. इल्यास को सम्मानित किया गया।


इस अवसर पर उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने अपने संबोधन में कहा कि गणतंत्र दिवस के इस पावन अवसर पर, पूर्वी सिंहभूम जिला, झारखंड राज्य एवं समस्त भारतवर्ष की निरंतर प्रगति, समृद्धि एवं एकता की कामना के साथ, मैं स्वतंत्रता संग्राम के सभी वीर सेनानियों, शहीदों एवं राष्ट्रनिर्माताओं को शत्-शत् नमन करता हूँ, जिनके त्याग, तपस्या और बलिदान के परिणामस्वरूप हमें 26 जनवरी 1950 को अपना गौरवशाली संविधान और एक सशक्त लोकतांत्रिक गणराज्य प्राप्त हुआ।


भारत की स्वतंत्रता संग्राम की गाथा में झारखंड की वीर भूमि का योगदान स्वर्णाक्षरों में अंकित है। भगवान बिरसा मुंडा, सिदो कान्हू, तेलंगा खड़िया, तिलका मांझी तथा असंख्य आदिवासी एवं लोकनायकों ने जल-जंगल-जमीन, स्वाभिमान और स्वतंत्रता की रक्षा हेतु अद्वितीय संघर्ष किया और राष्ट्रीय आंदोलन को जन-जन तक पहुँचाया। इसी गौरवशाली परंपरा में दिशोम गुरु शिबू सोरेन ने भी आदिवासी अस्मिता, सामाजिक न्याय और लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए जीवनपर्यंत संघर्ष कर झारखंड की राजनीतिक चेतना को नई दिशा दी।

स्वतंत्रता के पश्चात, सिंहभूम की यह पावन धरती लौहपुरुष जमशेदजी टाटा की औद्योगिक दृष्टि, श्रमिक परंपरा और सामाजिक उत्तरदायित्व के मूल्यों के साथ राष्ट्र के औद्योगिक विकास की धुरी बनी। राष्ट्र रक्षा के क्षेत्र में भी पूर्वी सिंहभूम के असंख्य वीर सपूतों ने सीमाओं पर अपने प्राणों की आहुति देकर भारत की संप्रभुता, अखंडता और गौरव की रक्षा की है। वीर शहीदों की इस पुण्यभूमि को समावेशी विकास, सामाजिक न्याय और आत्मनिर्भरता के पथ पर अग्रसर करने हेतु जिला प्रशासन पूर्ण निष्ठा, संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ सतत प्रयासरत है। आज के इस पावन अवसर पर इस जिले में की जा रही विकास संबंधी विभिन्न गतिविधियों एवं क्षेत्र में अबतक प्राप्त उपलब्धियों को संक्षिप्त में आपके समक्ष रखना चाहता हूँ।
स्वास्थ्य के क्षेत्र में पूर्वी सिंहभूम जिले ने उल्लेखनीय प्रगति की है। झारखंड में पहली बार जिला सदर अस्पताल, पूर्वी सिंहभूम में टाटा फाउंडेशन एवं सीसीएमबी-भारत सरकार के सहयोग से सिकल सेल एनीमिया की आधुनिक प्रयोगशाला की स्थापना की गई है। अब तक 12,271 नागरिकों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है, जिनमें 253 सिकल सेल ट्रेट तथा 12 सिकल सेल रोगियों की पहचान कर उनका उपचार सुनिश्चित किया गया है। जिला सदर अस्पताल परिसर में 100 बेड के प्री-फैब्रिकेटेड अस्पताल का शुभारंभ किया गया है। घाटशिला, पटमदा एवं शहरी क्षेत्रों में प्रोजेक्ट उल्लास के अंतर्गत मिर्गी रोगियों की पहचान हेतु विशेष शिविर आयोजित किए गए, जिनमें एम्स दिल्ली एवं जिला चिकित्सकों द्वारा 1,023 मरीज चिन्हित किए गए हैं तथा उनका नियमित उपचार एवं फॉलो-अप सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों के माध्यम से किया जा रहा है। राज्य में पहली बार जिला सदर अस्पताल एवं फाइलेरिया कार्यालय परिसर में मॉडल इम्यूनाइजेशन सेंटर की स्थापना की गई है। इसके साथ ही आरआई एवं एएनसी ट्रैकिंग प्रणाली विकसित की गई है, जिसकी भारत सरकार की सीआरएम टीम द्वारा सराहना एवं अनुशंसा की गई है। जिले के 23 स्वास्थ्य संस्थानों को एनक्यूएएस प्रमाण पत्र प्राप्त हो चुका है, जिनमें वर्ष 2025-26 में 8 संस्थान शामिल हैं।
कुपोषण उपचार के क्षेत्र में पूर्वी सिंहभूम जिले ने राज्य स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया है। वर्ष 2025-26 में कुल 825 कुपोषित बर्चा का सफल उपचार किया गया। मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी उपचार योजना के अंतर्गत 188 लाभार्थियों को 6.35 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई। जिले में अब तक 81,650 नागरिकों की सिकल सेल जांच, 5,557 टीबी रोगियों तथा 323 कुष्ठ रोगियों का उपचार, एवं 15,392 दिव्यांग प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं। इसी अवधि में 42,958 गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण एवं 36,895 सुरक्षित संस्थागत प्रसव कराए गए, जबकि 39,408 बच्चों का पूर्ण टीकाकरण किया गया, जो लक्ष्य का 94 प्रतिशत है।
आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत 9,63,914 आयुष्मान कार्ड एवं 14,02,437 आभा कार्ड जारी किए गए हैं, जिससे जिले ने राज्य में द्वितीय स्थान प्राप्त किया है। सदर अस्पताल में 835 मरीजों को डायलिसिस सुविधा, 356 नवजातों को स्पेशल न्यू बॉर्न केयर तथा 105 गंभीर रोगियों को आईसीयू उपचार उपलब्ध कराया गया।
एनीमिया मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत 74,394 नागरिकों की हीमोग्लोबिन जांच की गई, जिनमें 359 गंभीर मरीज चिन्हित कर उपचाररत हैं। साथ ही आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के अंतर्गत जिले के प्रमुख अस्पतालों में ई-हॉस्पिटल स्कैन एंड शेयर प्रणाली के माध्यम से रोगियों का डिजिटल पंजीकरण सुनिश्चित किया जा रहा है।
*शिक्षा*
तीनों स्तरों पर शिक्षा के क्षेत्र में पूर्वी सिंहभूम जिले ने गुणवता, समावेशन और उत्कृष्टता उल्लेखनीय प्रगति की है। मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालयों के अंतर्गत 10वीं सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में 94 प्रतिशत तथा 12वीं में 88 प्रतिशत विद्यार्थियों की सफलता इस दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय बी.पी. एम. बर्मामाइंस, जमशेदपुर, उत्क्रमित +2 उच्च विद्यालय बहरागोड़ा एवं मिलिनविधी गुड़ाबांधा को विद्यालय प्रमाणीकरण में गोल्ड सर्टिफिकेट प्राप्त हुआ है।
खेलो झारखंड 2025-26 के अंतर्गत जिले के विद्यार्थियों ने राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर जिले को गौरवान्वित किया है। संजली किस्कु ने स्पेशल ओलंपिक भारत-2025 में राष्ट्रीय स्तर पर साइक्लिंग में स्वर्ण एवं पावरलिफ्टिंग में रजत पदक प्राप्त किया। उपासना कुमारी ने राष्ट्रीय योग प्रतियोगिता में द्वितीय स्थान, वसंती सरदार ने शॉट पुट में राज्य स्तर पर प्रथम स्थान, यू-17 बालिका वॉलीबॉल टीम ने राज्य स्तर पर प्रथम स्थान तथा स्वाती यादव ने यू-19 शतरंज प्रतियोगिता में राज्य स्तर पर ओवरऑल चैम्पियन का सम्मान प्राप्त किया।
शिक्षकों की उपलब्धता और गुणवता सुनिश्चित करने हेतु जिले में 284 स्नातक प्रशिक्षित शिक्षक एवं 477 सहायक आचार्य नियुक्त किए गए हैं। माध्यमिक स्तर पर शैक्षणिक परिणामों में सुधार के लिए सिकुई-दिकुई अभियान के अंतर्गत कक्षा 10वीं एवं 12वीं के विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत सफलता हेतु विशेष शैक्षणिक अभियान संचालित किया जा रहा है।
डिजिटल और व्यावसायिक शिक्षा को सुदृढ़ करने के लिए जिले के 270 विद्यालयों में आईसीटी लैब स्थापित की गई है तथा 41 +2 विद्यालयों में 9 ट्रेड में व्यावसायिक शिक्षा संचालित की जा रही है। सभी कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में ई-लर्निंग एवं कौशल प्रशिक्षण की समुचित व्यवस्था की गई है।
समावेशी शिक्षा के उद्देश्य से 1,64,173 बच्चों को निःशुल्क पोशाक, 1,73,084 बच्चों को पाठ्य पुस्तके तथा 11,75,236 विद्यार्थियों को निःशुल्क नोटबुक एवं बैग वितरित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, सामान्य वर्ग के 1,73,084 विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री विशेष छात्रवृति का लाभ प्रदान किया गया है।
*ग्रामीण विकास*
ग्रामीण विकास के क्षेत्र में पूर्वी सिंहभूम जिले ने रोजगार सृजन, आवास उपलब्धता और आधारभूत संरचना निर्माण के माध्यम से ठोस प्रगति की है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के अंतर्गत वितीय वर्ष 2025-26 में अब तक 23.79 लाख मानव दिवस सृजित किए गए हैं, जो लक्ष्य का 76 प्रतिशत है। इसमें महिलाओं द्वारा 14.14 लाख मानव दिवस का सृजन किया गया, जिससे महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराने में पूर्वी सिंहभूम जिला राज्य में प्रथम स्थान पर है। जिले में 2.55 लाख परिवारों को जॉब कार्ड निर्गत किए गए हैं तथा 62,551 योजनाओं में से 12,058 योजनाएँ पूर्ण की जा चुकी हैं।
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत 50,159 स्वीकृत आवासों में से 47,276 आवास पूर्ण कर लिए गए हैं, जो 94 प्रतिशत से अधिक है। बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर आवास योजना के तहत 95.7 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त किया गया है। पीएम जनमन आवास योजना के अंतर्गत 40.9 प्रतिशत तथा अबुआ आवास योजना के तहत 32.8 प्रतिशत आवास पूर्ण किए जा चुके हैं।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने हेतु मुख्यमंत्री स्मार्ट ग्राम योजना के अंतर्गत डुमरिया प्रखंड के कांटाशोल पंचायत में माइक्रो इकोनॉमिक जोन का निर्माण पूर्ण किया गया है। साथ ही सांसद आदर्श ग्राम योजना के अंतर्गत पाँच पंचायतों तथा प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के अंतर्गत सात ग्रामों का चयन कर उन्हें समय विकास के मॉडल के रूप में विकसित किया जा रहा है।
*आजीविका सशक्तिकरण*
पूर्वी सिंहभूम जिले के सभी 11 प्रखंडों में ग्रामीण आजीविका मिशन का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है, जिसके माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को संगठित कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। अब तक जिले के 231 पंचायतों एवं 1,629 गाँवों में 16,892 सखी मंडल, 1,203 ग्राम संगठन तथा 47 संकुल स्तरीय संघों का गठन किया जा चुका है।
वितीय समावेशन के अंतर्गत 15,788 सखी मंडलों को 47.36 करोड़ रुपये की चक्रिय निधि, 16,427 सखी मंडलों को 86.47 करोड़ रुपये की सामुदायिक निवेश निधि तथा 16,072 सखी मंडलों को 241.08 करोड़ रुपये का बैंक ऋण उपलब्ध कराया गया है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिली है।
पीएम जनमन योजना के अंतर्गत जिले में 9 विशेष जनजाति वन धन विकास केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। डाकिया योजना के माध्यम से 5,165 पीवीटीजी परिवारों के लिए खाद्यान्न पैकेट तैयार कर दस प्रखंडों के ग्राम संगठनों द्वारा वितरण सुनिश्चित किया जा रहा है।
फुलो-झानो आशीर्वाद अभियान के अंतर्गत पारंपरिक रूप से हड़िया-दारू विक्रय से जुड़ी महिलाओं को वैकल्पिक आजीविका से जोड़ा गया है। अब तक 2,920 महिलाओं को बकरी पालन, राशन दुकान एवं सब्जी विक्रय जैसे स्वरोजगार के लिए 29.20 लाख रुपये की ब्याजमुक्त सहायता उपलब्ध कराई गई है।
*समाज कल्याण एवं सामाजिक सुरक्षा*
समाज कल्याण के क्षेत्र में जिले में बालिकाओं, महिलाओं तथा वंचित वर्गों के सशक्तिकरण हेतु अनेक प्रभावी योजनाएँ संचालित की जा रही है। सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना के अंतर्गत कक्षा 8-9 की बालिकाओं को 2,500 रुपये, कक्षा 10-12 की बालिकाओं को 5,000 रुपये तथा 18-19 वर्ष की युवतियों को एकमुश्त 20,000 रुपये की सहायता प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत विवाह के एक वर्ष के भीतर वधू को 30,000 रुपये तथा विधवा पुनर्विवाह योजना के अंतर्गत 2 लाख रुपये की एकमुश्त सहायता दी जाती है। साथ ही जिले में 145 नए आंगनबाडी केंद्र भवों का निर्माण किया जा रहा है, जिससे पोषण एवं प्रारंभिक शिक्षा सेवाओं को सुदृढ किया जा सके।
सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के अंतर्गत जिले में 2.97 लाख लाभुकों को प्रतिमाह 1,000 रुपये की दर से लगभग 29.7 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त झारखंड मुख्यमंत्री माईया सम्मान योजना के तहत 3.01 लाख महिलाओं को प्रतिमाह 2,500 रुपये की दर से लगभग 75.2 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की जा रही है।
*जन वितरण प्रणाली एवं खाद्य सुरक्षा*
पूर्वी सिंहभूम जिले में 1,242 जन वितरण प्रणाली विक्रेताओं के माध्यम से खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत 3.65 लाख परिवारों तथा अंत्योदय अन्न योजना के तहत 54 हजार परिवारों को नियमित खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है। झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत 41,530 परिवारों को प्रति व्यक्ति 5 किलोग्राम अनाज निःशुल्क दिया जा रहा है।
पीवीटीजी डाकिया योजना के तहत आदिम जनजाति परिवारों को 35 किलोग्राम चावल घर तक पहुँचाया जा रहा है। मुख्यमंत्री दाल-आत योजना के अंतर्गत जिले के 17 केंद्रों के माध्यम से प्रतिदिन लगभग 4,600 जरूरतमंदों को मात्र 5 रुपये में पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।
इसके अतिरिक्त सोना-सोबरन धोती-साड़ी योजना, चना दाल वितरण, नमक वितरण एवं चीनी वितरण योजनाओं के माध्यम से गरीब परिवारों को नियमित पोषण सहायता प्रदान की जा रही है। झारखंड राज्य आकस्मिक खाद्यान्न कोष के माध्यम से राशन कार्ड से वंचित पात्र परिवारों को भी न्यूनतम दर पर अनाज उपलब्ध कराया जाता है।
धान अधिप्राप्ति योजना के अंतर्गत खरीफ विपणन मौसम 2025-26 में जिले के 53 केंद्रों पर 4 जी ई-पॉस मशीन एवं बायोमेट्रिक सत्यापन के माध्यम से किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान की खरीद सुनिश्चित की जा रही है।
*आई.टी.डी.ए. / कल्याण*
अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ी जाति एवं अल्पसंख्यक समुदायों के शैक्षणिक, सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण हेतु जिले में व्यापक स्तर पर योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 में 1.42 लाख विद्यार्थियों को 31.54 करोड़ रुपये तथा वर्ष 2025-26 में 1.00 लाख विद्यार्थियों को 18.60 करोड़ रुपये का भुगतान पीएफएमएस के माध्यम से किया गया है। पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति के अंतर्गत 13,944 विद्यार्थियों को 14.38 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई है।
साइकिल वितरण योजना के तहत वर्ष 2025-26 में 12,537 छात्र-छात्राओं को साइकिल उपलब्ध कराई गई है, जिससे विद्यालय तक पहुँच और निरंतर उपस्थिति को बढ़ावा मिला है। वन अधिकार अधिनियम 2006 के अंतर्गत 4,440 व्यक्तिगत एवं 40 सामुदायिक वन पट्टों का वितरण कर आदिवासी समुदायों के भूमि अधिकार को सुदृढ़ किया गया है।
मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सहायता योजना के अंतर्गत 506 लाभुकों को 23.52 लाख रुपये की सहायता प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत 331 लाभुकों को ऋण उपलब्ध कराया जा चुका है तथा 634 लाभुकों को ऋण प्रदान करने की प्रक्रिया प्रगति पर है।
बिरसा आवास निर्माण एवं आदिम जनजाति ग्रामोन्नति योजना के अंतर्गत 50 आदिम जनजाति परिवारों के लिए आवास निर्माण की प्रक्रिया संचालित है, जिनमें से 21 आवास पूर्ण किए जा चुके हैं।
*पेयजल, स्वच्छता एवं कृषि-पशुपालन*
पेयजल एवं स्वच्छता के क्षेत्र में जिले ने आधारभूत सुविधाओं के विस्तार की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की है। पूर्वी सिंहभूम जिले की कुल 3.55 लाख ग्रामीण घरों में से 1.45 लाख घरो को पाइपलाइन के माध्यम से नल जल की सुविधा उपलब्ध कराई जा चुकी है। शेष घरी को वर्ष 2026 तक जलापूर्ति से जोडने हेतु 13 ग्रामीण पेयजलापूर्ति योजनाओं पर कार्य प्रगति पर है। इस वर्ष 2,062 नलकूपों का निर्माण पूर्ण कर ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट को काफी हद तक दूर किया गया है। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत 29,817 शौचालयों का निर्माण कर 343 ग्रामों को ओडीएफ प्लस मॉडल घोषित किया गया है।
कृषि क्षेत्र में किसानों की आय बढ़ाने एवं तकनीक आधारित खेती को प्रोत्साहित करने हेतु अनेक योजनाएँ संचालित की जा रही हैं। बीज विनिमय एवं वितरण योजना के अंतर्गत 50 प्रतिशत अनुदान पर वर्ष 2025-26 में 2,792 किसानों को 1,935 क्विंटल धान, चना एवं गेहूँ बीज वितरित किए गए। बिरसा फसल विस्तार योजना के तहत 1,350 हेक्टेयर क्षेत्र में 3,776 किसानों को शत-प्रतिशत अनुदान पर बीज एवं उपादान उपलब्ध कराए गए। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत 691 किसानों को ड्रिप एवं स्थिकलर सिचाई प्रणाली का लाभ प्रदान किया गया है।
स्वॉयल हैल्थ कार्ड योजना के अंतर्गत 17,912 मिट्टी नमूनों की जांच पूर्ण की जा चुकी है। किसान कैडिट कार्ड योजना के अंतर्गत 5,477 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 3.223 किसानों को कृषि ऋण स्वीकृत किया गया है।
पशुपालन के क्षेत्र में ग्रामीण युवाओं को स्वरोजगार से जोडने एवं पलायन रोकने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के अंतर्गत बकरी, सूकर, कुक्कुट एवं दुग्ध उत्पादन आधारित योजनाओं का प्रभावी संचालन किया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2020-21 से अब तक जिले के 10,101 ग्रामीणों को 20.13 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई है। वर्ष 2025-26 में पशुधन स्वास्थ्य सेवाओं के अंतर्गत 8.50 लाख टीकाकरण, 1.75 लाख पशु उपचार, 8,426 बधियाकरण तथा 28,924 कृत्रिम गर्भाधान कर दुग्ध उत्पादन बढ़ाने की दिशा में ठोस कार्य किए गए हैं।
अंत में उन्होने बापू के उस जंतर को स्मरण किया, जो केवल एक वाक्य नहीं, बल्कि संपूर्ण शासन दर्शन है-
“तुम्हें एक जन्तर देता हूँ। जब भी तुम्हें संदेह हो या तुम्हारा अहम् तुम पर हावी होने लगे, तब तो यह कसौटी आजमाओ:
जो सबसे गरीब और कमजोर आदमी तुमने देखा हो, उसकी शकल याद करो और अपने दिल से पूछो कि जो कदम उठाने का तुम विचार कर रहे हो, वह उस आदमी के लिए कितना उपयोगी होगा। क्या उससे उसे कुछ लाभ पहुंचेगा? क्या उससे वह अपने ही जीवन और भाग्य पर कुछ काबू पा सकेगा? यानि क्या उससे उन करोड़ों लोगों को स्वराज्य मिल सकेगा जिनके पेट भूखे हैं और आत्मा अतृप्त है?
तब तुम देखोगे कि तुम्हारा संदेह मिट रहा है और अहम् समाप्त होता जा रहा है।”
यदि हम अपने शासन, अपनी योजनाओं और अपने संकल्पों को इस कसौटी पर कसते रहे, तो निश्चय ही हमारा हर कदम न्याय, समता और मानवीय गरिमा की दिशा में होगा। हमारा प्रयास यही है कि पूर्वी सिंहभूम विकास की दौड़ में आगे बढ़ते हुए भी अपनी आत्मा न खोए कि प्रगति केवल इमारती और ऑकड़ों में नहीं, बल्कि अंतिम व्यक्ति के जीवन में आए सकारात्मक परिवर्तन में दिखाई दे।
इसी विश्वास के साथ, हम सब मिलकर एक ऐसे पूर्वी सिंहभूम का निर्माण करें, जो औद्योगिक शक्ति के साथ सामाजिक संवेदनशीलता, तकनीकी प्रगति के साथ मानवीय करुणा, और विकास के साथ समावेशन का आदर्श प्रस्तुत करे। यही हमारे गणतंत्र के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
जिला के वरीय पदाधिकारी एवं कार्यालय प्नधान ने कार्यालयों में किया झंडोतोलन, राष्ट्रीय झंडे को दी सलामी
77वें गणतंत्र दिवस पर जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी द्वारा आवासीय ( गोपनीय) कार्यालय, समाहरणालय एवं रेड क्रॉस भवन, वरीय पुलिस अधीक्षक पीयूष पांडेय ने आवासीय (गोपनीय) कार्यालय, एसएसपी कार्यालय एवं पुलिस लाइन, उप विकास आयुक्त सह परियोजना निदेशक आईटीडीए नागेन्द्र पासवान ने आईटीडीए कार्यालय, अनुमंडल पदाधिकारी धालभूम अर्नव मिश्रा ने धालभूम अनुमंडल कार्यालय, घाटशिला अनुमंडल कार्यालय में एसडीओ सुनील चंद्र, जिला जनसम्पर्क पदाधिकारी पंचानन उरांव ने जिला जनसंपर्क कार्यालय समेत प्रखंड सह अंचल कार्यालयों में बीडीओ एवं सीओ, थानों में थाना प्रभारी, गैर सरकारी संस्थान व शिक्षण संस्थानों में भी झंडोत्तोलन कर राष्ट्रीय झंडे को सलामी दी गई जिले भर में हर्षोल्लास के साथ राष्ट्रीय पर्व मनाया गया ।




