टी ए 91 सितम्बर बैच का फॅमिली पिकनिक नेचर इन में 35वर्षों का यदगार पल के साथ मनाया गया
35 वर्ष के साथी एक साथ पटमदा के नेचर इन में परिवारिक माहौल में मिले और बड़े धूम धाम से अपने यादगार पल को याद किया और दिन भर मनोरंजन किये

टी ए 91 सितम्बर बैच का फॅमिली पिकनिक नेचर इन में 35वर्षों का यदगार पल के साथ मनाया गया

35 वर्ष के साथी एक साथ पटमदा के नेचर इन में परिवारिक माहौल में मिले और बड़े धूम धाम से अपने यादगार पल को याद किया और दिन भर मनोरंजन किये।

पार्टी की शुरूआत गरमागरम पूड़ी,सब्जी,अंडा,केला, रसगुल्ला के शानदार नास्ता और हँसी मज़ाक से आरम्भ हुआ।

सेफ्टी डिपार्टमेंट के चीफ अगम कुमार, विशाल भारती, राजेश सिन्हा ने अपने साथी “विद्या वाचस्पति “और “विद्या सागर” नेपाल भारत साहित्य रत्न से सम्मानित साथी “डॉ अरबिंद तिवारी एवं पत्नी स्वेता तिवारी को पुरे बैच मेट के साथियों के साथ सम्मानित किया। इसके बाद वेस्ट बोकारो माइंस से आये साथी यूनियन के जनरल सेक्रेटरी योगेंद्र सिंह का सम्मान फूलों के गुलदस्ता से सारे साथियों ने किया।
फिर शुरू हुआ मस्ती का दौर, सारे साथियों ने अपने ट्रेनिंग के समय को याद करते हुए खुब हँसी मजाक और आनंद के पल तथा उपलब्धयों को साझा किया।
संदीप वर्मा, संजीव चौधरी,वरुण कुमर यू के गुप्ता ने हाउजी गेम खिलाकर लकी पर्सन को पुरस्कृत किया। श्री कुमार राजीव की पत्नी और स्वेता तिवारी ने शिलवट शब्द के सही अर्थ बताकर पुरसकार पाए। श्री मृत्युंजय कुमार की पत्नी ने मिसेज़ बेस्ट भाभी का पुरस्कार पाया।
अगम कुमार, संजीव चौधरी ए के नरौनी, निरंजन राउथ, अशोक सिंह श्री परिडा, योगेंद्र सिंह, अरबिंद पाडेय , रमाकांत पाण्डेय संजीव कुमार योगेंद्र पाण्डेय अरिंदम गुहा शिवरंजन शाहू, निरंजन शाहू, संदीप वर्मा आशीष कुमार,रत्नेश कुमार, राकेश मिश्रा के साथ माइंस से आये अनेक साथियों ने मिलकर डांस किया।
निरंजन राउथ,डॉ अरविन्द तिवारी, योगेंद्र पाण्डेय, संदीप,वर्मा रामाकांत पाण्डेय, और राजीव नारायण के साथ आशीष कुमार की पत्नी जुली रानी के गाने, कविता, चुटकुले शेर और शायरी आकर्षण के केन्द्र रहे।
सारे दोस्तों ने राजेश सिन्हा विशाल भारती, संजीव कुमार और ऑर्गनिसिंग कमिटी को बहुत बहुत धन्यबाद कहा दिनभर भाभियों ने सारे ग़म को भुलाकर फोटो ग्राफी किया बच्चों ने अपने हम उम्र के साथियों के साथ उत्साहित भाव दिखाय। हमलोगों के बीच निरंजन राउथ का पोता सबको दादा जी कहता हुआ शोभायमान हुआ और सबों ने उसे खुब आशीर्वाद दिये




