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सूचना आयुक्त की नियुक्ति और झारखंड राज्य सूचना आयोग में यथाशीघ्र सुनवाई प्रारंभ करवाने को लेकर नेता प्रतिपक्ष सह भारतीय जनता पार्टी झारखंड के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी से मिला हमर अधिकार मंच का 3 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल

झारखंड के 16 जिलों के 91 लोगों द्वारा हस्ताक्षरित ज्ञापन उन्हें सौंपा

रांची – सूचना आयुक्त की नियुक्ति और झारखंड राज्य सूचना आयोग में यथाशीघ्र सुनवाई प्रारंभ करवाने को लेकर नेता प्रतिपक्ष सह भारतीय जनता पार्टी झारखंड के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी से मिला हमर अधिकार मंच का 3 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल

झारखंड के 16 जिलों के 91 लोगों द्वारा हस्ताक्षरित ज्ञापन उन्हें सौंपा

हमर अधिकार मंच ने मांग किया कि विधि, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, समाजसेवा, प्रबंधन, पत्रकारिता जनसंपर्क माध्यम में व्यापक ज्ञान और अनुभव रखने वाले समाज में प्रख्यात गैर-नौकरशाह को ही सूचना आयुक्त के रूप में नियुक्त करवाया जाय

हमर अधिकार मंच का तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल अध्यक्ष दीपेश निराला की अध्यक्षता में झारखंड के माननीय नेता प्रतिपक्ष सह भारतीय जनता पार्टी झारखंड के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी जी से मुलाकात कर उनको झारखंड के 16 जिलों यथा गिरिडीह, पलामू, लातेहार, गढ़वा, धनबाद, दुमका, सरायकेला-खरसावां, लोहरदगा, पाकुड़, हजारीबाग, खूंटी, सिमडेगा, रांची, बोकारो, पूर्वी सिंहभूम और गुमला के 91 व्यक्तियों द्वारा हस्ताक्षरित एक ज्ञापन जल्द से जल्द झारखंड में सूचना आयुक्त की नियुक्ति करवाने और यथाशीघ्र झारखंड राज्य सूचना आयोग में सुनवाई प्रारंभ करवाने के संबंध में सौंपा, ताकि सूचना आयोग में लंबित पड़े 25000 से अधिक द्वितीय अपीलवाद और शिकायतवाद पर 5.5 वर्षों से अधिक समय से लंबित मामलों में सुनवाई शुरू हो सके और आग्रह किया कि सूचना आयुक्त के रूप में गैर-नौकरशाह व्यक्ति जो विधि, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, समाजसेवा, प्रबंधन, पत्रकारिता जनसंपर्क माध्यम में व्यापक ज्ञान और अनुभव रखने वाले समाज में प्रख्यात व्यक्तियों की ही नियुक्ति की जाए और नौकरशाह को सूचना आयुक्त के रूप में नियुक्त नहीं करवाया जाय क्योंकि वैसे जन सूचना पदाधिकारी और प्रथम अपीलीय प्राधिकारी जो सूचनाओं को रोकते हैं और जिनके विरुद्ध सूचना आयोग में द्वितीय अपील और शिकायतवाद दर्ज कराया जाता है, उनका पूर्व संबंध सेवाकाल में सेवानिवृत्त नौकरशाह से हो सकता है या उनके अधीनस्थ ऐसे पदाधिकारी सेवाकाल में काम किए हुए हो सकते हैं, इसलिए ऐसे लोग न्याय करते समय और सूचना दिलवाते समय तटस्थ और निष्पक्ष रहें, तो बेहतर रूप से सूचना की मांग करने वाले आवेदकों को बेहतर रूप से सूचना दिलवाई जा सकती है।
सरकार ने काफी समय से झारखंड में नेता प्रतिपक्ष नहीं होने की वजह से सूचना आयुक्त की नियुक्ति नहीं होने की बात कही थी, लेकिन अभी विगत मार्च, 2025 से झारखंड में लगातार नेता प्रतिपक्ष कार्यरत हैं, फिर भी सूचना आयुक्त की नियुक्ति नहीं किया जाना उचित प्रतीत नहीं होता है।
तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में अध्यक्ष दीपेश निराला, उपाध्यक्ष रेणुका तिवारी और महासचिव उमाशंकर सिंह शामिल हुए।

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