शीतला माता मंदिर महोत्सव समिति द्वारा आयोजित भागवत कथा का चौथा दिन
बैकुंठ नाथ स्वामी ने सुनाई कंस की कथा, उसके अमरत्व के हठ का किया चित्रण

शीतला माता मंदिर महोत्सव समिति द्वारा आयोजित भागवत कथा का चौथा दिन

बैकुंठ नाथ स्वामी ने सुनाई कंस की कथा, उसके अमरत्व के हठ का किया चित्रण
जमशेदपुर- शीतला माता मंदिर महोत्सव समिति के तत्वावधान में आयोजित रुद्र चंडी सह भागवत महापुराण कथा को व्यासपीठ पर बैठे बैकुंठ नाथ स्वामी ने संबोधित किया। यह कथा का चौथा दिन था।
सैकड़ों भक्ति की उपस्थिति में स्वामी ने कंस की कथा सुनाई।
उन्होंने अपने मुखारबिंद से फरमाया: कंस मरना नहीं चाहता था। वह अमरत्व को प्राप्त करना चाहता था। उसने शंकर भगवान की तपस्या शुरू की। भगवान प्रसन्न हुए। कह, वर मांगो। कंस ने कहा: मुझे अमरत्व का वरदान दीजिए। भगवान ने कहा कि ये संभव नहीं। कंस ने कहा कि प्रभु, मुझे यही वरदान चाहिए। तब महादेव ने कहा कि ये लो धनुष। इसे अपने पास रखो। जब तक ये तुम्हारे पास है, तुम जीवित रहोगे। जिसने इसे तोड़ा, वही तुम्हारा काल होगा। कंस ने धनुष उठाया। सभी सैनिकों को जमा किया। टूट पड़ा मथुरा पर। तबाह कर दिया कंस ने मथुरा को। वहां का स्वयंभू राजा बन बैठा। हर किसी को प्रताड़ित करने लगा। धरती माता भी दुखी हो गई।
आयोजन समिति के विनोद पांडेय, प्रकाश पाण्डेय उर्फ धन जी पाण्डेय, रवि प्रकाश और विवेक पांडेय ने बताया कि आज से हवन प्रारंभ हो गया। आज रुद्राभिषेक, दुर्गापाठ, गौरी गणेश आदि की पूजा हुई। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को सरस्वती पूजा का भव्य आयोजन होगा। कथा चलती रहेगी। रुद्राभिषेक प्रतिदिन सुबह 10 बजे होता रहेगा।




