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संकट में सहायता के लिए जीवन की पहल, सुबह 10 से रात 10 बजे तक सेवा का प्रस्ताव

शहर में मानसिक स्वास्थ्य सहायता को और सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए आत्महत्या निवारण केंद्र जीवन ने अपनी सेवाओं के कार्य समय को बढ़ाने की योजना बनायी है। योजना के तहत जीवन अब सुबह 10 बजे से रात 10 बजे तक सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य कर रहा है

संकट में सहायता के लिए जीवन की पहल, सुबह 10 से रात 10 बजे तक सेवा का प्रस्ताव

जमशेदपुर-  शहर में मानसिक स्वास्थ्य सहायता को और सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए आत्महत्या निवारण केंद्र जीवन ने अपनी सेवाओं के कार्य समय को बढ़ाने की योजना बनायी है। योजना के तहत जीवन अब सुबह 10 बजे से रात 10 बजे तक सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य कर रहा है, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों तक भावनात्मक सहयोग पहुंचाया जा सके। जीवन के पदाधिकारियों ने बताया कि कार्य समय बढ़ाने का उद्देश्य उन लोगों तक पहुंच बनाना है, जो वर्तमान समय सीमा में सहायता नहीं ले पाते हैं। वर्तमान में जीवन संस्था बिष्टुपुर स्थित 25 क्यू रोड में अपने केंद्र पर प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक प्रत्यक्ष बेफ़्रेंडिंग सेवाएं प्रदान कर रही है। इसके साथ ही टेली बेफ़्रेंडिंग की सुविधा भी उपलब्ध है, जिसके लिए 9297777499 और 9297777500 हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं, ताकि संकट की स्थिति में तत्काल सहायता मिल सके। सेवाओं के विस्तार के साथ-साथ जीवन संस्था ने अपने स्वयंसेवक आधार को मजबूत करने के प्रयास भी तेज कर दिए हैं। संस्था ने माना है कि प्रशिक्षित और संवेदनशील श्रोता आत्महत्या रोकथाम में अहम भूमिका निभाते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए जीवन ने ऐसे नागरिकों से आगे आने की अपील की है, जो प्रति सप्ताह कम से कम चार घंटे का समय देकर इस मानवीय सेवा से जुड़ना चाहते हैं। वालंटियर बनने के लिए आवेदक की न्यूनतम आयु 21 वर्ष होनी चाहिए। किसी भी विषय में स्नातक डिग्री होना आवश्यक है। साथ ही अभ्यर्थी में सहानुभूति, बेहतर सुनने की क्षमता तथा हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में पढ़ने, लिखने और संवाद करने की योग्यता होनी चाहिए। वालंटियर को सप्ताह में किसी एक दिन लगातार चार घंटे देने के लिए उपलब्ध रहना होगा। जीवन वालंटियर चयन प्रक्रिया के तहत पहले केंद्र पर आवेदन पत्र भरना होगा। शॉर्टलिस्ट किए गए अभ्यर्थियों का साक्षात्कार लिया जाएगा। चयनित उम्मीदवारों को संरचित प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसके बाद वे बेफ़्रेंडिंग और सहयोग सेवाओं में सक्रिय रूप से भाग लेंगे।
इस अवसर पर जीवन संस्था ने नागरिकों से भावनात्मक संकट के समय मानसिक स्वास्थ्य सहायता लेने में संकोच न करने की अपील की। संस्था ने स्पष्ट किया कि मदद मांगना कमजोरी नहीं बल्कि साहस का प्रतीक है। जीवन ने यह भी दोहराया कि वह संकटग्रस्त व्यक्तियों के साथ खड़ी है और समय पर हस्तक्षेप तथा करुणामय देखभाल के माध्यम से जीवन रक्षा के अपने संकल्प पर निरंतर कार्य करती रहेगी।

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