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पेसा अधिसूचना में भूमिज पारंपरिक व्यवस्था को मिली मान्यता, विधायक संजीव सरदार के प्रति समाज ने जताया आभार

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में झारखंड कैबिनेट द्वारा पांचवीं अनुसूचित क्षेत्र में पेसा कानून लागू करने की मंजूरी के बाद राज्य के पंचायती राज विभाग ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। जारी अधिसूचना में भूमिज समाज की पारंपरिक व्यवस्था से जुड़े मुड़ा, सरदार, नाया और डाकुआ को ग्राम सभा के अध्यक्ष के रूप में शामिल किया गया है, जिससे समाज में खुशी का माहौल है

पेसा अधिसूचना में भूमिज पारंपरिक व्यवस्था को मिली मान्यता, विधायक संजीव सरदार के प्रति समाज ने जताया आभार

जमशेदपुर- मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में झारखंड कैबिनेट द्वारा पांचवीं अनुसूचित क्षेत्र में पेसा कानून लागू करने की मंजूरी के बाद राज्य के पंचायती राज विभाग ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। जारी अधिसूचना में भूमिज समाज की पारंपरिक व्यवस्था से जुड़े मुड़ा, सरदार, नाया और डाकुआ को ग्राम सभा के अध्यक्ष के रूप में शामिल किया गया है, जिससे समाज में खुशी का माहौल है।

भूमिज समाज में खुशी, सरकार का जताया आभार

पेसा कानून की अधिसूचना में पारंपरिक भूमिज व्यवस्था को स्थान दिए जाने पर समाज के लोगों ने इसे ऐतिहासिक निर्णय बताया है। समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि पूर्व की अधिसूचना में भूमिज व्यवस्था को शामिल नहीं किया गया था, लेकिन अब यह त्रुटि दूर कर दी गई है। इसके लिए झारखंड सरकार के साथ-साथ पोटका विधायक संजीव सरदार के प्रति समाज ने आभार व्यक्त किया।

विधायक संजीव सरदार के प्रयासों से संभव हुआ बदलाव

भूमिज समाज के लोगों ने कहा कि विधायक संजीव सरदार के निरंतर प्रयास और पहल के कारण ही पेसा अधिसूचना में भूमिज समाज की पारंपरिक व्यवस्था को मान्यता मिली है। इसे समाज की पहचान, अधिकार और स्वशासन की दिशा में एक मजबूत कदम बताया गया। इसी को लेकर भूमिज समाज के प्रतिनिधियों द्वारा विधायक संजीव सरदार का अभिनंदन भी किया गया।

समाज के प्रतिनिधियों ने जताया समर्थन

इस अवसर पर मुख्य रूप से दीपक कुमार सरदार, भरत सरदार, मनोरंजन सरदार, गोपी सरदार, मनोहर सरदार, अशोक सरदार, उदय सरदार, ईश्वरलाल सरदार, लाल सरदार सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे। सभी ने एक स्वर में कहा कि पेसा कानून से आदिवासी समाज के जल, जंगल और जमीन की रक्षा को मजबूती मिलेगी।

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