धतकीडीह मुखी बस्ती में धूमधाम से मना 77वां गणतंत्र दिवस
जमशेदपुर के धतकीडीह मुखी बस्ती में 77वां गणतंत्र दिवस धूमधाम से मनाया गया. पहला कार्यक्रम दिवंगत सुरेश मुखी की पत्नी सुनीता मुखी के नेतृत्व में बस्ती के चौक पर हुआ, जहां झंडोत्तोलन किया गया. दूसरा कार्यक्रम सत्यवान मुखी के नेतृत्व में उनके आवास के पास आयोजित किया गया, जहां वरिष्ठ पत्रकार, समाजिक कार्यकर्ता और जमशेदपुर पश्चिम की निर्दलीय प्रत्याशी रह चुकीं अन्नी अमृता बतौर मुख्य अतिथि पहुंचीं

धतकीडीह मुखी बस्ती में धूमधाम से मना 77वां गणतंत्र दिवस


जमशेदपुर- जमशेदपुर के धतकीडीह मुखी बस्ती में 77वां गणतंत्र दिवस धूमधाम से मनाया गया. पहला कार्यक्रम दिवंगत सुरेश मुखी की पत्नी सुनीता मुखी के नेतृत्व में बस्ती के चौक पर हुआ, जहां झंडोत्तोलन किया गया. दूसरा कार्यक्रम सत्यवान मुखी के नेतृत्व में उनके आवास के पास आयोजित किया गया


जहां वरिष्ठ पत्रकार, समाजिक कार्यकर्ता और जमशेदपुर पश्चिम की निर्दलीय प्रत्याशी रह चुकीं अन्नी अमृता बतौर मुख्य अतिथि पहुंचीं. सामाजिक कार्यकर्ता अनूप मुखी और चेतन मुखी यहां विशिष्ट अतिथि के तौर पर पहुंचे. अतिथियों ने झंडोत्तोलन किया, जिसके बाद सबने राष्ट्रगान गाया. इस दौरान बड़ों के साथ काफी संख्या में बच्चे भी मौजूद थे. उनका उत्साह देखते ही बन रहा था.


अन्नी अमृता ने अपने संबोधन में बताया कि कैसे गणतंत्र दिवस अहम है. उपस्थित लोगों से उन्होंने कहा कि संविधान की नजर में सब बराबर हैं. इसलिए जाति और धर्म के नाम पर नफरत की राजनीति को नकार देना चाहिए. अन्नी ने बच्चों को देश का भविष्य बताते हुए उन्हें आजादी के संघर्ष और फिर गणतंत्र बनने की कहानी को संक्षेप में बताया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की. अपने संबोधन के माध्यम से अन्नी ने बच्चों को एक जागरुक नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया.
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के तौर पर पहुंचे सामाजिक कार्यकर्ता अनूप मुखी और चेेतन मुखी ने अपने संबोधन में लोगों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दी.
कार्यक्रम के अंत में सबके बीच टाॅफियों और नोट बुक वगैरह का वितरण हुआ. रंग बिरंगे परिधानों से सजे बच्चे काफी प्यारे लग रहे थे.
कार्यक्रम के आयोजन में सत्यवान मुखी के साथ ही स्वीटसा मुखी की भी सराहनीय भूमिका रही. इस अवसर पर अमृत मुखी, प्रवीण मुखी, सिख राम मुखी, सिद्धार्थ मुखी, सरवन मुखी, सनी मुखी और अन्य कई लोग मौजूद थे



