बिष्टुपुर राम मंदिर के महासचिव दुर्गा प्रसाद का निधन, शहर ने खोया एक समर्पित सेवक
जमशेदपुर की धार्मिक-सांस्कृतिक चेतना को दिशा देने वाले प्राचीन बिष्टुपुर राम मंदिर के महासचिव दुर्गा प्रसाद (57 वर्ष) के असामयिक निधन से पूरे शहर में शोक की लहर दौड़ गई है। आज सुबह करीब 9 बजे टाटा मेन हास्पीटल में इलाज के दौरान हो गई

बिष्टुपुर राम मंदिर के महासचिव दुर्गा प्रसाद का निधन, शहर ने खोया एक समर्पित सेवक

जमशेदपुर – जमशेदपुर की धार्मिक-सांस्कृतिक चेतना को दिशा देने वाले प्राचीन बिष्टुपुर राम मंदिर के महासचिव दुर्गा प्रसाद (57 वर्ष) के असामयिक निधन से पूरे शहर में शोक की लहर दौड़ गई है। आज सुबह करीब 9 बजे टाटा मेन हास्पीटल में इलाज के दौरान हो गई
हो गया वे बहुत-बहुत ही व्यवहार कुशल सहित मंदिरम के कार्य क्रम में बढ चढ़ कर अपने अहम् भूमिका का निर्वाह करते थे
उनके निधन की खबर मिलते ही मंदिर समिति, श्रद्धालुओं और शुभचिंतकों में गहरा दुख व्याप्त हो गया। विगत 2 कार्य काल से महासचिव के पद पर थे
यह खबर ऐसी थी, जिसने हर किसी को स्तब्ध कर दिया—एक कर्मठ, व्यवहारकुशल और सेवाभावी व्यक्तित्व का यूं अचानक चले जाना, मानो शहर की आत्मा को ही आहत कर गया हो।
कदमा निवासी उनके करीबी मित्र दीनू ने बताया कि दो दिन पूर्व ही दुर्गा प्रसाद से उनकी बातचीत हुई थी। उस दौरान उन्होंने अपने स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई थी और बताया था कि उनका बीपी 20 तक पहुंच गया था, जिसके बाद उन्हें टीएमएच में भर्ती कराया गया। चिकित्सकीय प्रयासों के बावजूद यह संघर्ष थम गया और शहर ने अपना एक सच्चा सेवक खो दिया
दुर्गा प्रसाद सिर्फ एक पदाधिकारी नहीं थे, बल्कि राम मंदिर के हर कार्यक्रम की आत्मा थे। अत्यंत व्यवहार कुशल, हर आयोजन में बढ़-चढ़कर भूमिका निभाने वाले, और हर श्रद्धालु के लिए सुलभ और संवेदनशील व्यक्तित्व। वे विगत दो कार्यकालों से महासचिव के पद पर रहकर मंदिर की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने में जुटे रहे। मंदिर से लेकर शहर के सामाजिक-धार्मिक मंचों तक, उनकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी
कांग्रेस नेता ए आर कैलाश ने दुर्गा प्रसाद के निधन को समाज के लिए अपूरणीय क्षति बताते हुए कहा कि “उनका जीवन सेवा, सौहार्द और सामाजिक समर्पण का उदाहरण था। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें। शहर के विभिन्न संगठनों और गणमान्य नागरिकों ने भी गहरी संवेदना व्यक्त की है।
बिष्टुपुर राम मंदिर परिसर में शोक का माहौल है। श्रद्धालु मौन प्रार्थनाओं के साथ उस व्यक्तित्व को याद कर रहे हैं, जिसने वर्षों तक मंदिर की गरिमा और अनुशासन को नई ऊंचाइयां दीं।
दिवंगत दुर्गा प्रसाद का दाह संस्कार बुधवार को किया जाएगा। समय: सुबह 10 बजे,अंतिम यात्रा प्रस्थान: बागबेड़ा गणेश नगर, रोड नंबर-3 स्थित आवास से ,गंतव्य: पार्वती घाट, बिष्टुपुर ,शहर उन्हें नम आंखों से अंतिम विदाई देगा।
दुर्गा प्रसाद का जाना केवल एक व्यक्ति का जाना नहीं, बल्कि एक विचार, एक व्यवस्था और एक समर्पित परंपरा का अवसान है। उनकी स्मृतियां, उनके कार्य और उनका सौम्य व्यवहार—राम मंदिर और जमशेदपुर की सामाजिक स्मृति में सदैव जीवित रहेगा




