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टाटा स्टील ने अपनी वार्षिक बिज़नेस चैलेंज  “स्टील-ए-थॉन” के 12वें संस्करण के विजेताओं की घोषणा की

इस संस्करण में देशभर के 34 शीर्ष बी-स्कूलों से 11,400+ छात्रों की रिकॉर्ड भागीदारी देखने को मिली 

टाटा स्टील ने अपनी वार्षिक बिज़नेस चैलेंज  “स्टील-ए-थॉन” के 12वें संस्करण के विजेताओं की घोषणा की

इस संस्करण में देशभर के 34 शीर्ष बी-स्कूलों से 11,400+ छात्रों की रिकॉर्ड भागीदारी देखने को मिली

 

मुंबई-  टाटा स्टील ने अपने प्रमुख वार्षिक बिज़नेस चैलेंज “स्टील-ए-थॉन” के 12वें संस्करण के विजेताओं की घोषणा की, जिसका रोमांचक ग्रैंड फिनाले 7 नवम्बर 2025 को कोलकाता में आयोजित किया गया। यह प्रतियोगिता भारत के शीर्ष बी-स्कूलों के लिए बनाई गई है, जो छात्रों को वास्तविक व्यावसायिक चुनौतियों पर काम करने और टाटा स्टील के नेतृत्व से मार्गदर्शन प्राप्त करने का अनूठा अवसर प्रदान करती है।

आईआईएम रोहतक से ‘पाथफाइंडर्स’ टीम ने ग्रोथ ट्रैक में विजेता का खिताब जीता, जबकि आईआईएफटी कोलकाता से ‘द इंफैलिबल्स’ टीम उपविजेता रही। एक्सआईएम भुवनेश्वर की ‘मेटालिका#3’ टीम ने वैल्यू चेन ट्रैक में जीत हासिल की, और एक्सआईएम भुवनेश्वर की ही ‘रिफ्रैक्टरीज़’ टीम उपविजेता रही।
एमडीआई गुरुग्राम की ‘द स्टील डील’ टीम ने पीपल ट्रैक में विजेता का स्थान प्राप्त किया, जबकि आईआईएम रांची की ‘मास्टर एट मैनेजमेंट’ टीम उपविजेता रही

पीयूष गुप्ता, वाइस प्रेसिडेंट, टीक्यूएम, ग्रुप स्ट्रैटेजिक प्रोक्योरमेंट एंड सप्लाई चेन, टाटा स्टील ने कहा कि “स्टील-ए-थॉन हमारे उस संकल्प का प्रतीक है जिसके तहत हम आने वाली पीढ़ी के बिज़नेस लीडर्स को विकसित करने और छात्र समुदाय में नवाचारपूर्ण सोच को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।” उन्होंने आगे कहा कि “प्रतिभाशाली टीमों द्वारा प्रस्तुत समाधानों की गुणवत्ता इस बात को दर्शाती है कि उनकी रणनीतिक सोच और परिचालन उत्कृष्टता ही भविष्य में इस्पात उद्योग को आगे बढ़ाएगी। टाटा स्टील की ओर से मैं विजेताओं को बधाई देता हूँ और इस संस्करण को अत्यंत सफल बनाने के लिए सभी प्रतिभागियों का धन्यवाद करता हूँ

स्टील-ए-थॉन प्रतियोगिता, जो अब अपने 12वें वर्ष में प्रवेश कर चुकी है, को इस बार जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली, जिसमें देशभर के 34 प्रतिष्ठित बी-स्कूलों से 11,400 से अधिक छात्रों ने भाग लिया। इस वर्ष की प्रतियोगिता की थीम थी — “वन टाटा स्टील के साथ कल के इस्पात को नए सिरे से परिभाषित करना

प्रतिभागी टीमों के समक्ष तीन अलग-अलग ट्रैक पेश किए गए, जिनमें से प्रत्येक का केंद्र एक महत्वपूर्ण व्यावसायिक विषय था — ग्रोथ ट्रैक में “ऑर्केस्ट्रेटिंग ग्रोथ”, वैल्यू चेन ट्रैक में “नर्चरिंग वैल्यू चेन” और पीपल ट्रैक में एम्पावरिंग एम्प्लॉइज

इन तीनों ट्रैकों में कुल 22 केस स्टडीज़ साझा की गईं। इस संस्करण में टाटा स्टील यूके और टाटा स्टील नीदरलैंड की केस स्टडीज़ भी शामिल थीं, जिससे प्रतिभागियों को कंपनी के वैश्विक नेतृत्व के साथ जुड़ने और उनसे सीखने का अवसर मिला

प्रतियोगिता की शुरुआत 1,500 से अधिक टीमों द्वारा अपने एग्जीक्यूटिव सारांश जमा करने के साथ हुई। सख्त मूल्यांकन प्रक्रिया के बाद, 180 से अधिक टीमों ने प्री-फिनाले राउंड के लिए क्वालिफाई किया, और अंततः 18 टीमों ने फिनाले में अपनी जगह बनाई।

फाइनलिस्ट टीमों ने अपने इनोवेटिव बिज़नेस केस समाधानों को टाटा स्टील के वरिष्ठ नेतृत्व से गठित प्रतिष्ठित जूरी के समक्ष प्रस्तुत किया। जूरी में शामिल थे — पीयूष गुप्ता, वाइस प्रेसिडेंट – टीक्यूएम, ग्रुप स्ट्रैटेजिक प्रोक्योरमेंट एंड सप्लाई चेन; प्रभात कुमार, वाइस प्रेसिडेंट – मार्केटिंग और सेल्स (फ्लैट प्रोडक्ट्स); और ज़ुबिन पालिया, सीएचआरओ  इंडिया मैन्युफैक्चरिंग।

प्रत्येक ट्रैक की विजेता टीमों को ₹2,50,000 की नकद राशि प्रदान की गई, जबकि प्रथम उपविजेताओं को ₹1,50,000 की नकद पुरस्कार राशि दी गई। विजेता और उपविजेता दोनों टीमों को प्री-प्लेसमेंट ऑफ़र प्रदान किए गए, वहीं सभी नेशनल फाइनलिस्ट्स को प्री-प्लेसमेंट इंटरव्यू के अवसर दिए गए  जिससे उन्हें टाटा स्टील के साथ संभावित कैरियर अवसरों के द्वार खुल गए।

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