Sardar@150 Unity March” में अनेक शिक्षण संस्थानों के छात्रों की उत्साहपूर्ण भागीदारी
डायो सरायकेला–खरसावां एवं एन एस एस, एन आई टी जमशेदपुर के संयुक्त तत्वावधान में आज “Sardar@150 Unity March” का आयोजन सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ

“Sardar@150 Unity March” में अनेक शिक्षण संस्थानों के छात्रों की उत्साहपूर्ण भागीदारी


सरायकेला–खरसावां एवं एन एस एस, एन आई टी जमशेदपुर के संयुक्त तत्वावधान में आज “Sardar@150 Unity March” का आयोजन सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ यह एक उच्च-प्रोफ़ाइल कार्यक्रम रहा, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, पूर्व सांसद गीता कोड़ा और पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा सहित कई विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे। इस अवसर पर केंद्र सरकार द्वारा एनआईटी जमशेदपुर में विशेष कार्यक्रम भी आयोजित किया गया।


पदयात्रा अंडरपास आदित्यपुर से आरंभ होकर एनआईटी जमशेदपुर में सम्पन्न हुई, जिसमें श्रीनाथ विश्वविद्यालय के डिप्लोमा प्रथम वर्ष के विद्यार्थी, यूएसएस न्यू कॉलोनी आदित्यपुर, गायत्री शिक्षा निकेतन तथा एनआईटी जमशेदपुर के छात्र-छात्राओं ने सक्रिय भागीदारी की।

एनआईटी जमशेदपुर के माननीय निदेशक प्रो. गौतम सूत्रधर ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि बच्चों, समाज के लिए कुछ करने का संकल्प लो
पूर्व सांसद गीता कोड़ा ने एकता और राष्ट्र प्रेम पर जोर देते हुए सभी को “भारत माता की जय” के जयकारों से प्रेरित किया।
पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने कहा कि “जहाँ एकता और समन्वय होता है, वहाँ साधारण मिट्टी का एक ढेला भी मज़बूत प्रतीत होता है। स्वतंत्रता मिलने के बाद भी देश को एकजुट कैसे किया जाए—यही सरदार पटेल की सोच थी। उन्होंने देश को एकता के सूत्र में बाँधा और आगे बढ़ने का मंत्र दिया
एकता पदयात्रा के समापन अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि “सालभर चल रही एकता यात्रा का उद्देश्य जन–जन को जोड़ते हुए भारत को नए क्षितिज तक पहुँचाना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में आज एनआईटी जमशेदपुर में सरदार पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर यह अभियान एक नई ऊर्जा का संचार कर रहा है
उन्होंने आगे कहा कि “आजादी के समय देश में लगभग 600 से 700 रियासतें थीं—खरसावां, सरायकेला, इचागढ़, चक्रधरपुर, राजनगर, बड़ा भुम, मानभुम, तामाड़, चुटिया आदि। सरदार पटेल ने सभी रियासतों को एकसूत्र में पिरोकर राष्ट्र को एक मजबूत इकाई बनाया। खेतों के आंदोलन से किसानों का नेतृत्व किया, प्रधानमंत्री पद को भी देशहित में त्यागने की भावना दिखाई, हैदराबाद को भारत में विलय कराया तथा जम्मू–कश्मीर को भारत का मुकुट बताया
कार्यक्रम का संचालन डॉ. जयेंद्र कुमार, एन एस एस संयोजक, एनआईटी जमशेदपुर द्वारा किया गया।
यह कार्यक्रम राष्ट्रीय एकता, सामाजिक समरसता और युवा चेतना को समर्पित रहा तथा बड़ी संख्या में प्रतिभागियों की उपस्थिति ने इसे अत्यंत सफल बनाया




