पत्र लेखन प्रतियोगिता 2025-26] 50,000 रुपये जीतने का सुनहरा मौका
इंडिया पोस्ट ने शुरू किया 'ढाई आखर' राष्ट्रीय पत्र लेखन अभियान

पत्र लेखन प्रतियोगिता 2025-26]
50,000 रुपये जीतने का सुनहरा मौका इंडिया पोस्ट ने शुरू किया ‘ढाई आखर’ राष्ट्रीय पत्र लेखन अभियान
डिजिटल युग में व्हाट्सएप और ईमेल की भीड़भाड़ के बीच, भारतीय डाक विभाग (India Post) ने एक बार फिर कलम और कागज के जादू को जगाने की पहल की है। डाक विभाग ने अपने प्रतिष्ठित ‘ढाई आखर’ (Dhai Akhar) राष्ट्रीय स्तर के पत्र लेखन प्रतियोगिता के 2025-26 संस्करण की घोषणा कर दी है।
अगर आपको लिखने का शौक है, तो यह प्रतियोगिता आपको न केवल राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिला सकती है, बल्कि आप 50,000 रुपये तक का नकद पुरस्कार भी जीत सकते हैं।
इस प्रतियोगिता की पूरी जानकारी यहाँ दी गई है:
प्रतियोगिता का विषय (Theme)
इस वर्ष का विषय बेहद खास है: “Letter to My Role Model” (मेरे आदर्श को पत्र)। आपको अपने रोल मॉडल (आदर्श) के बारे में बताते हुए उन्हें एक पत्र लिखना होगा।
महत्वपूर्ण तारीखें
अंतिम तिथि: 8 दिसंबर 2025 (नोट: 8 दिसंबर के बाद पोस्ट किए गए पत्र स्वीकार नहीं किए जाएंगे)
कौन भाग ले सकता है? (Categories)
भारत का कोई भी नागरिक इसमें भाग ले सकता है। इसे दो आयु वर्गों में विभाजित किया गया है:
1. 18 वर्ष तक: (क) अंतर्देशीय पत्र कार्ड (ILC) श्रेणी, (ख) लिफाफा श्रेणी
2. 18 वर्ष से ऊपर: (क) अंतर्देशीय पत्र कार्ड (ILC) श्रेणी, (ख) लिफाफा श्रेणी।
पुरस्कार राशि (Prizes)
विजेताओं को दो स्तरों पर पुरस्कृत किया जाएगा:
1. सर्किल (राज्य) स्तर पर:
• प्रथम पुरस्कार: ₹25,000/-
• द्वितीय पुरस्कार: ₹10,000/-
• तृतीय पुरस्कार: ₹5,000/-
2. राष्ट्रीय (National) स्तर पर:
• प्रथम पुरस्कार: ₹50,000/-
• द्वितीय पुरस्कार: ₹25,000/-
• तृतीय पुरस्कार: ₹10,000/-
नियम और शर्तें
1. भाषा: आप हिंदी, अंग्रेजी या किसी भी स्थानीय भाषा (Vernacular) में पत्र लिख सकते हैं।
2. लिखावट: पत्र केवल हाथ से लिखा (Handwritten) होना चाहिए। टाइप किए गए पत्र स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
3. शब्द सीमा:
o सादे A-4 कागज (लिफाफा) के लिए: 1000 शब्द।
o अंतर्देशीय पत्र कार्ड (ILC) के लिए: 500 शब्द।
4. कैसे भेजें: पत्र को अपने राज्य के चीफ पोस्टमास्टर जनरल (Chief Postmaster General) को संबोधित करके भेजना होगा।
इस अभियान का उद्देश्य
डाक विभाग का उद्देश्य है कि युवा पीढ़ी ‘डिजिटल डिटॉक्स’ करे और लिखने की कला को फिर से अपनाए। लेखन न केवल मस्तिष्क के विकास में मदद करता है, बल्कि पत्र भावनाओं को व्यक्त करने का एक आत्मीय तरीका भी है।




