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एन.डी.एस. नेचुरल डाइट सिस्टम शिविर का सफल समापन — स्वास्थ्य और आध्यात्म का अदभुत संगम 

ब्रह्माकुमारीज वर्दानी पैलेस, यूनिवर्सल पीस पैलेस, मेरीन ड्राइव में आयोजित पाँच दिवसीय एन.डी.एस. (Natural Diet System) स्वास्थ्य शिविर आज अपार हर्ष और आनंद के साथ संपन्न हुआ

एन.डी.एस. नेचुरल डाइट सिस्टम शिविर का सफल समापन — स्वास्थ्य और आध्यात्म का अदभुत संगम

जमशेदपुर- ब्रह्माकुमारीज वर्दानी पैलेस, यूनिवर्सल पीस पैलेस, मेरीन ड्राइव में आयोजित पाँच दिवसीय एन.डी.एस. (Natural Diet System) स्वास्थ्य शिविर आज अपार हर्ष और आनंद के साथ संपन्न हुआ

आज का दिन सचमुच एक चमत्कारिक दृश्य जैसा था  जब 90% प्रतिभागियों ने, जो पहले दिन बहुत संशय और भय में थे कि बिना पका खाना, सूरज की ऊर्जा से बना भोजन, और एनीमा जैसी प्राकृतिक प्रक्रिया से क्या परिणाम आएंगे — अब उसी प्रणाली को अपने जीवन का सच्चा वरदान बताया

पाँच दिनों में स्वास्थ्य और आध्यात्म का ऐसा संगम देखने को मिला कि वर्षों से बीमारी, दर्द और खर्चों से जूझ रहे लोगों के चेहरे आज स्वास्थ्य और राहत की मुस्कान से खिले हुए थे। सभी प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए और भावविभोर हो उठे।

ऑस्ट्रेलिया से आई शिखा अरोड़ा, जो अपने पिता सुनील अरोड़ा (दिल्ली) के साथ आई थीं, ने बताया कि पहले दिन उन्हें बहुत भय, सिरदर्द और बेचैनी थी और वे वापस जाने का सोच रही थीं, पर आज पाँचवें दिन उन्होंने कहा कि
अब मैं पूरी तरह हल्की और निश्चिंत महसूस कर रही हूँ। पहले मैं बहुत सोचती थी, सिरदर्द मेरा हिस्सा बन चुका था पर अब समझ आई कि फास्ट फूड और पका हुआ खाना शरीर के लिए व्यर्थ है

इसी प्रकार उदयपुर से आई 70 वर्षीय प्रेमलता राजपाल जो पहले दिन चल भी नहीं पा रही थीं और सीढ़ियाँ चढ़ने में कठिनाई थी, आज वे पूरे आत्मविश्वास और मुस्कान के साथ सहजता से चल रही थीं। उन्होंने कहा कि यह पाँच दिन उनके जीवन के लिए नई शुरुआत साबित हुए हैं

उसी तरह हर प्रतिभागी का अनुभव जीवन-परिवर्तनकारी रहा। कई लोगों ने बताया कि वर्षों पुरानी बीमारियाँ, दर्द, नींद की समस्या, तनाव और चिंता सब मानो गायब हो गए हैं

सभी प्रतिभागियों ने दिल से अंजु दीदी, कोल्हान इंचार्ज ब्रह्माकुमारीज का आभार व्यक्त किया जिनके मार्गदर्शन में पूरा शिविर दिव्यता से भरा रहा। साथ ही, भाई जिग्नेश, जिन्होंने अपने पाँच दिवसीय अथक प्रयास और प्रेरणादायक मार्गदर्शन से सबको विश्वास दिलाया कि प्राकृतिक जीवन ही सच्चा जीवन है, को भी हार्दिक धन्यवाद दिया गया।
बीना बहन के प्रति भी सभी ने विशेष धन्यवाद व्यक्त किया, जिन्होंने सूरज की ऊर्जा से बने इतने स्वादिष्ट और पौष्टिक व्यंजन प्रस्तुत किए, जो सभी के लिए एक नया और अविश्वसनीय अनुभव रहा।

शिविर के अंत में सभी प्रतिभागियों ने अंजु दीदी, भाई जिग्नेश और बीना बहन के साथ सामूहिक फोटो खिंचवाया हर चेहरे पर चमकती मुस्कान और स्वस्थ जीवन का नया संकल्प था।

अंत में अंजु दीदी ने सभी से आग्रह किया कि आने वाले जनवरी–फरवरी में आयोजित होने वाले अगले एन.डी.एस. शिविर के लिए अधिक से अधिक पीड़ितों को साथ लाएँ, ताकि यह दिव्य स्वास्थ्य क्रांति और आगे बढ़े। सभी ने एकस्वर में इस संकल्प को स्वीकार किया।

शिविर में आए बाहर के प्रतिभागियों ने भी दोमूहानी, डिमना झील, रस्टि मोदी सेंटर, 500 एकड़ में फैला जुबली पार्क जैसी जगहों का भ्रमण किया और जमशेदपुर की सुंदरता और योजना की सराहना करते हुए दोबारा आने का वादा किया।

यह पाँच दिवसीय शिविर सचमुच सभी के लिए एक “प्राकृतिक वरदान” सिद्ध हुआ जहाँ शरीर, मन और आत्मा ने एक साथ नई दिशा पाई।

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